जयपुर में वन्यजीव सप्ताह पर विद्यार्थियों के लिए खास सौगात — 8 अक्टूबर तक निःशुल्क भ्रमण नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में
— 2 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने किया पार्क भ्रमण, वन्यजीवों की अठखेलियों ने जीता दिल
गौरव कोचर
जयपुर, 4 अक्टूबर 2025। जयपुर जिला प्रशासन और वन विभाग की पहल पर मनाए जा रहे 71वें विश्व वन्यजीव सप्ताह के तहत विद्यार्थियों के लिए नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क एक बड़ा आकर्षण बन गया है। सप्ताह के अंतर्गत विद्यार्थियों को 8 अक्टूबर तक पार्क का निःशुल्क भ्रमण करने का अवसर दिया गया है, जिससे उनमें भारी उत्साह देखा जा रहा है।
शनिवार को 2,000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने नाहरगढ़ जैविक उद्यान का निःशुल्क भ्रमण किया और वन्यजीवों की चहलकदमी, अठखेलियों और स्वाभाविक व्यवहार को नजदीक से देखकर रोमांचित हुए। पार्क में भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बाघ, शेर, तेंदुए, भालू, हिरण, और अन्य दुर्लभ जीवों को देखकर वन्यजीव जगत की विविधता का अनुभव किया।
सहायक वन संरक्षक श्री देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि यह पहल सम्भागीय मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. टी. मोहनराज के पर्यवेक्षण और उपवन संरक्षक (वन्यजीव) चिड़ियाघर जयपुर श्री विजयपाल सिंह के निर्देशन में की गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के महत्व से अवगत कराना है।
भ्रमण के दौरान विशेषज्ञ विद्यार्थियों को विभिन्न वन्यजीव प्रजातियों, उनके प्राकृतिक व्यवहार, आवास और संरक्षण उपायों के बारे में रोचक जानकारियाँ दे रहे हैं। इस शैक्षिक पहल से बच्चों में पर्यावरण और वन्यजीवों के प्रति जिज्ञासा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो रही है।
इसी क्रम में शनिवार को एम.एन.आई.टी. परिसर में “मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व” विषय पर जागरूकता परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपवन संरक्षक (वन्यजीव) श्री विजयपाल सिंह मुख्य अतिथि रहे। परिचर्चा में सेवानिवृत्त उपवन संरक्षक श्री देवेंद्र भारद्वाज, प्रो. वीरेन्द्र सारण, वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविन्द माथुर, क्षेत्रीय वन अधिकारी श्री जितेन्द्र सिंह शेखावत और श्री सतीश चन्द्र सहित कई विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
परिचर्चा के बाद आयोजित मॉक ड्रिल में विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि आस-पास वन्यजीव दिखाई दें तो किस प्रकार की सावधानियां बरतनी चाहिए और वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व के सिद्धांतों का पालन कैसे किया जाए।
वन्यजीव सप्ताह के तहत विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन चित्रकला, निबंध लेखन, क्विज़ प्रतियोगिता और जागरूकता सत्र जैसे कई रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शनिवार को चित्र पहचान प्रतियोगिता और लघु निबंध लेखन प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में खूब उत्साह पैदा किया।
कार्यक्रम में कल्पतक प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल, जयपुर की ओर से सर्प मित्र श्री रवि मीणा, छात्र रेंजर श्री जितेन्द्र सिंह शेखावत (जयपुर प्रादेशिक), सहायक वनपाल श्री कृष्ण कुमार मीणा, श्री राजाराम मीणा, श्री सतीश चन्द्र और श्री रोहित गंगवाल को वन्यजीव संरक्षण में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सहायक वन संरक्षक श्री देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि 71वें विश्व वन्यजीव सप्ताह के तहत चल रहे ये कार्यक्रम वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनजागृति और संवेदनशीलता बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

