| गौरव कोचर
जयपुर, 12 जनवरी 2026। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयां देने के लिए पर्यटन विभाग इस वर्ष भी ‘काइट फेस्टिवल 2026’ का भव्य आयोजन करने जा रहा है। आगामी 14 जनवरी को आयोजित होने वाले इस उत्सव में लोक संस्कृति, साहसिक पतंगबाजी और भव्य आतिशबाजी का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ ने बताया कि इस गौरवशाली आयोजन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी भी सहभागिता करेंगे। उनकी उपस्थिति न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएगी, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और ‘इवेंट-बेस्ड टूरिज्म’ को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी।
उत्सव का मुख्य कार्यक्रम: जलमहल की पाल पर सजेगा आसमान
पर्यटन विभाग के उपनिदेशक उपेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, मुख्य कार्यक्रम 14 जनवरी को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक आमेर रोड स्थित ऐतिहासिक जलमहल की पाल पर आयोजित होगा। झील के शांत वातावरण और नीले आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं:
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: प्रख्यात लोक कलाकारों द्वारा राजस्थानी संस्कृति का प्रदर्शन।
- लाइव डेमोंस्ट्रेशन: पतंग बनाने की कला का सजीव प्रदर्शन और फैंसी पतंगों की प्रदर्शनी।
- पर्यटक सुविधाएं: विदेशी सैलानियों के लिए निःशुल्क पतंगें, ऊँटगाड़ी की सवारी और पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का निःशुल्क स्वाद।
शाम को ‘लालटेन उत्सव’ और आतिशबाजी से जगमगाएगा शहर
दिन भर की पतंगबाजी के बाद, उत्सव का दूसरा चरण शाम 6:30 बजे से शुरू होगा। इस दौरान ‘लालटेन उत्सव’ के तहत आसमान में सैंकड़ों लालटेन छोड़ी जाएंगी। कार्यक्रम का समापन हवामहल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में होने वाली भव्य आतिशबाजी के साथ होगा। गुलाबी शहर के आकाश में होने वाला यह प्रकाश उत्सव पर्यटकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा।
राजस्थान: एक जीवंत अनुभव
दो दशकों से अधिक समय से आयोजित हो रहा यह काइट फेस्टिवल अब राजस्थान पर्यटन का एक विश्वसनीय ब्रांड बन चुका है। विभाग का मानना है कि यह आयोजन राजस्थान को केवल एक गंतव्य के रूप में नहीं, बल्कि एक जीवंत अनुभव के रूप में प्रस्तुत करता है, जहाँ दिन में आसमान पतंगों से बातें करता है और रात में विरासतें रोशनी से सराबोर रहती हैं।
सहयोग: इस मेगा इवेंट को सफल बनाने में राजस्थान पर्यटन विभाग के साथ जिला प्रशासन जयपुर, जयपुर नगर निगम और पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं।