जयपुर में ‘नवोदय सम्मान समारोह–2025’ का भव्य आयोजन: साहित्य और कला की त्रिवेणी बही
| योगेश शर्मा
जयपुर। गुलाबी नगरी के सांस्कृतिक क्षितिज पर विगत दिनों ‘संत मीराबाई सा नव उदय साहित्य, गायन, नृत्य एवं कला सम्मान–2025’ पूरी गरिमा और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। नव उदय प्रकाशन, ग्वालियर के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह ने साहित्य, संगीत और कला के संगम से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ मांगलिक शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश जांगिड़, आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया, नन्द लाल शास्त्री तथा नव उदय की डायरेक्टर शिव्या जैन एवं अलका जैन द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों ने अपने संबोधन में कला और साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए ऐसे आयोजनों को युवा प्रतिभाओं के लिए मील का पत्थर बताया।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। उद्घाटन श्रृंखला में विशिष्ट अतिथि के रूप में:
- सीताराम नारौलिया, भरत सिंह राजावत, अभिषेक भारद्वाज
- दशरथ सिंह राजावत, रघुनंदन शेखावत, आशीष सिंघल
- राधेश्याम गुप्ता, मंजू दीक्षित, गजेंद्र राणावत
- जगदीश पाटीदार, डॉ. शिल्पा शर्मा, विजय बेशर्म
- वंदना सोनी, मनीष यादव, राज गहलौत
- हर्ष वर्धन, नरेन्द्र नागरे, दीपिका सक्सेना एवं शुचिता चौहान
सहित अनेक गणमान्य जनों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और रचनाकारों का उत्साहवर्धन किया।
साहित्यिक उपलब्धियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
समारोह केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सृजन का उत्सव बन गया। कार्यक्रम की मुख्य झलकियां निम्नवत रहीं:
- पुस्तक विमोचन: साहित्य जगत को समृद्ध करने वाली 5 नवीन पुस्तकों का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया।
- काव्य रसधार: देश के विभिन्न कोनों से आए कवियों द्वारा 85 काव्य-पाठ किए गए, जिन्होंने समसामयिक और श्रृंगार रस की छटा बिखेरी।
- सुर-ताल का संगम: मंच पर 20 गायन प्रस्तुतियाँ और 5 मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिससे पूरा वातावरण सांस्कृतिक उल्लास से भर गया।
235 विभूतियों का हुआ सम्मान
समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में साहित्य, गायन, नृत्य एवं कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कुल 235 रचनाकारों एवं कलाकारों को ‘नवोदय सम्मान’ से नवाजा गया। आयोजन समिति ने बताया कि इस सम्मान का उद्देश्य उन प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है जो अपनी कला के माध्यम से समाज में रचनात्मक चेतना को सशक्त कर रहे हैं।
”यह आयोजन कला और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में हमारा एक छोटा सा प्रयास है। हमें गर्व है कि हम इतने गुणी रचनाकारों को एक मंच पर ला सके।” — शिव्या जैन, डायरेक्टर (नव उदय)

