जयपुर / मुस्कान तिवाड़ी/ जयपुर जिला कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिला कौशल एवं उद्यमिता समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। संभागीय रोजगार कार्यालय की संयुक्त निदेशक एवं समिति की सदस्य सचिव नवरेखा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले में संचालित कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
मांग आधारित कौशल विकास पर रहेगा फोकस
बैठक की जानकारी देते हुए सदस्य सचिव नवरेखा ने बताया कि राजस्थान सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग के निर्देशों के तहत इस समिति का गठन किया गया है। इसका प्राथमिक उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न व्यावसायिक एवं कौशल प्रशिक्षण योजनाओं में बेहतर तालमेल बिठाना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति का मुख्य ध्येय जिले में उद्योग और बाजार की मांग के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ना है, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें और युवाओं को स्वावलंबी बनाया जा सके।
विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा
बैठक के दौरान जिले में वर्तमान में चल रही रोजगारोन्मुखी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विभाग आपस में बेहतर तालमेल बनाकर काम करें, जिससे योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर युवाओं तक सुगमता से पहुंच सके।
प्रमुख विभागों और संस्थाओं की सहभागिता
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला परिषद, लीड बैंक, उद्योग विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, नगर निगम, राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) और रोजगार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
इसके अलावा बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में ‘परिवर्तन स्किल एकेडमी’ से प्रतीक सोढ़ाणी तथा ‘वर्ल्ड ग्रोथ फोरम’ के संस्थापक अनाम कुमार भी मौजूद रहे, जिन्होंने कौशल विकास को व्यावहारिक रूप देने पर अपने सुझाव साझा किए।