जयपुर में जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी पर्व की तैयारियां तेज़, जिला कलक्टर ने दिए सख्त निर्देश
मंदिरों के आसपास साफ-सफाई, यातायात, बिजली व सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस
By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 05,2025

जयपुर, 08 अगस्त।
जयपुर जिला प्रशासन ने जन्माष्टमी (16 अगस्त) और गणेश चतुर्थी (26–28 अगस्त) पर्व के साथ-साथ होने वाली शोभायात्राओं के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें नगर निगम, पुलिस, यातायात, स्वास्थ्य, बीएसएनएल, विद्युत, जलदाय, जेडीए समेत कई विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य आयोजन
- जन्माष्टमी पर्व : 16 अगस्त (शनिवार) को शहर के प्रमुख मंदिरों, विशेषकर श्री गोविन्ददेवजी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और कार्यक्रम होंगे।
- शोभायात्रा एवं नन्दोत्सव : 17 अगस्त (रविवार) को सुबह से दोपहर तक नन्दोत्सव और शाम 4 बजे से श्रीजी की भव्य शोभायात्रा निकलेगी।
- गणेश चतुर्थी पर्व : मोती डूंगरी गणेश मंदिर, ब्रह्मपुरी स्थित श्री गढ़गणेश मंदिर और नहर के गणेश मंदिर पर 26, 27 और 28 अगस्त को विशेष कार्यक्रम होंगे।
कलक्टर के निर्देश
- सफाई और प्रकाश व्यवस्था – मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में पर्व से 3–4 दिन पहले पूरी सफाई, सजावटी रोशनी और मोबाइल टॉयलेट्स की व्यवस्था हो।
- बेसहारा पशु नियंत्रण – भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों से बेसहारा पशुओं को हटाया जाए।
- यातायात प्रबंधन – शोभायात्रा मार्ग और मंदिरों के पास यातायात व्यवस्था दुरुस्त रहे।
- मोबाइल नेटवर्क – भीड़ के कारण नेटवर्क बाधित न हो, इसके लिए बीएसएनएल नई तकनीकी व्यवस्था लागू करे।
- विद्युत सुरक्षा – बारिश के चलते बिजली लाइनों और ट्रांसफार्मरों के पास पेड़ों की छंटाई और मरम्मत कार्य समय पर हो।
- सड़क मरम्मत – शोभायात्रा मार्ग और मंदिरों के पास बने गड्ढों को तुरंत भरा जाए।
- कंट्रोल रूम – कलेक्ट्रेट में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित हो, जहां से सभी विभागों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
- सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधा – शोभायात्रा मार्ग पर अग्निशमन वाहन, एम्बुलेंस, पुलिस बल और नागरिक सुरक्षा कर्मी तैनात हों।
विभागीय समन्वय
कलक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। नगर निगम आयुक्त (हेरिटेज व ग्रेटर), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पुलिस उपायुक्त (उत्तर व यातायात), बीएसएनएल, विद्युत वितरण निगम, जलदाय विभाग, जेडीए, पुलिस व मंदिर प्रशासन संयुक्त रूप से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (शहर-दक्षिण) को निर्देश दिए गए हैं कि सभी आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था समय पर पूरी कराई जाए।