जयपुर/ नरेश गुनानी/राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेशभर में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध प्रसवपूर्व (ANC) सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 जुलाई से 19 जुलाई तक चलाए गए 5 दिवसीय विशेष सघन निरीक्षण अभियान का सफल समापन हुआ। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में आयोजित इस अभियान में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, रिकॉर्ड संधारण और उपलब्ध सुविधाओं की व्यापक मॉनिटरिंग की गई।
अभियान की प्रमुख उपलब्धियां और आंकड़े
इस 5 दिवसीय विशेष अभियान के दौरान राज्य स्तर पर बड़े पैमाने पर निरीक्षण और समीक्षा कार्य किया गया:
- 3,56,783 गर्भवती महिलाएं: अभियान के दौरान कुल 3 लाख 56 हजार 783 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का गहन निरीक्षण किया गया।
- 37,558 हाई-रिस्क प्रेगनेंसी (HRP): उच्च जोखिम वाली 37 हजार 558 गर्भवती महिलाओं की विशेष समीक्षा की गई।
- 8,414 स्वास्थ्य संस्थान: प्रदेश के 8 हजार 414 चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कर वहां दवाओं और जांच सेवाओं की उपलब्धता, उपकरणों की कार्यशीलता और साफ-सफाई का मूल्यांकन किया गया।
- 7,731 MCHN सेशन: कुल 7 हजार 731 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य व पोषण (MCHN) सत्रों की प्रत्यक्ष मॉनिटरिंग की गई।
उच्च जोखिम वाली महिलाओं के लिए विशेष निर्देश
प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने जानकारी दी कि अभियान के दौरान चिन्हित की गई उच्च जोखिम (High-Risk) वाली गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है।
विशेष पहल: संबंधित क्षेत्र की प्रत्येक एएनएम (ANM) को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसी उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के घर हर तीसरे दिन विजिट (Home Visit) करेंगी और उनकी सेहत की नियमित जानकारी रखेंगी।
इसके अलावा, सेवाओं का धरातलीय आंकलन करने के लिए प्रदेशभर में 14,836 गर्भवती महिलाओं का रियल-टाइम सत्यापन और साक्षात्कार किया गया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) में मिला व्यापक लाभ
अभियान के तहत 18 जुलाई को पूरे राज्य में एक साथ 3,062 ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस’ (PMSMA) सत्रों की सघन मॉनिटरिंग की गई, जिसमें कुल 1,05,629 गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान की गईं:
- तिमाही के अनुसार लाभांवित महिलाएं:
- पहली तिमाही: 31,919 महिलाएं
- दूसरी तिमाही: 36,706 महिलाएं
- तीसरी तिमाही: 37,004 महिलाएं
निःशुल्क जांच एवं एनीमिया प्रबंधन:
- रक्त जांच: 98,247 महिलाओं की हीमोग्लोबिन व अन्य आवश्यक रक्त जांचें की गईं।
- एनीमिया उपचार: गंभीर एनीमिया से पीड़ित महिलाओं के उपचार हेतु 12,173 महिलाओं को आयरन सुक्रोज तथा 9,284 महिलाओं को एफसीएम (FCM) इंजेक्शन लगाए गए।
- निःशुल्क सोनोग्राफी: 16,634 गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी सेवा का लाभ देने के लिए ‘मां वाउचर’ प्रदान किए गए।