जयपुर/ गौरव कोचर/राजधानी जयपुर में वाहन चोरों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत गलतागेट थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों से संगठित गिरोह बनाकर दोपहिया वाहन चुराने वाले तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से चोरी की कुल 17 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब 24 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करण शर्मा (आईपीएस) ने बताया कि क्षेत्र में लगातार सामने आ रही वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर प्रथम आलोक कुमार सिंघल के सुपरविजन तथा सहायक पुलिस आयुक्त रामगंज शिवरतन गोदारा के नेतृत्व में थानाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार शर्मा की एक विशेष टीम गठित की गई थी।
वारदात और अनुसंधान
गत 08 सितंबर 2026 की रात करीब 3 बजे थाना गलतागेट क्षेत्र स्थित सुंदर नगर, मीणा पेट्रोल पंप के पास (भारत क्लीनिक) से अज्ञात चोर एक मोटरसाइकिल (RJ-60-JS-3950) चुरा ले गए थे। परिवादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान विशेष टीम ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों के करीब 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए गिरोह को चिन्हित कर तीन आरोपियों को दबोच लिया। इनके पास से प्रकरण में चोरी हुई बाइक तथा वारदात में प्रयुक्त अपाचे बाइक (RJ-14-HZ-9184) जब्त की गई। पूछताछ के बाद धारा 106 बीएनएसएस के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों से चुराई गई 15 अन्य मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं।
तरीका-ए-वारदात: दिन में रेकी, रात में ‘एलंकी’ से ताला तोड़कर पार
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड अखिलेश मीणा है। उसका साथी उस्मान दिन के समय मकानों में सेटरिंग का काम करता है और इसी दौरान कॉलोनियों में खड़ी नई बाइकों की रेकी कर लेता था। रात के समय तीनों आरोपी (अखिलेश, उस्मान और निशांत) मिलकर अपाचे बाइक से निकलते और मास्टर चाबी (एलंकी) का उपयोग कर लॉक तोड़कर नई बाइक उड़ा ले जाते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नशे और विलासितापूर्ण जिंदगी के आदी हैं तथा अपने महंगे शौक व ऐशो-आराम पूरे करने के लिए वारदातें करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
- अखिलेश मीणा पुत्र समय सिंह (उम्र 22 वर्ष), निवासी गांव व पोस्ट निठार, पुलिस थाना भुसावर, जिला भरतपुर।
- उस्मान उर्फ मुन्ना पुत्र परवेज खान (उम्र 19 वर्ष), निवासी बड़ी मस्जिद के पीछे, खोह नागोरियान, जयपुर (हाल निवासी: लक्ष्मी विहार कॉलोनी, सोन्याली की ढाणी, थाना खोह नागोरियान, जयपुर)।
- निशांत उपाध्याय उर्फ निक्की पुत्र सत्यप्रकाश शर्मा (उम्र 20 वर्ष), निवासी ग्राम व पोस्ट नीमली, थाना भुसावर, जिला भरतपुर।
मास्टरमाइंड अखिलेश का आपराधिक रिकॉर्ड
आरोपी अखिलेश मीणा शातिर वाहन चोर है, जिसके खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न थानों में चोरी के कई मामले दर्ज हैं:
- मुकदमा नंबर 454/2023 (दिनांक 27-07-2023), धारा 379 आईपीसी, थाना मालवीय नगर
- मुकदमा नंबर 278/2024 (दिनांक 17-08-2024), धारा 303(2), 3(5) बीएनएस, थाना सांगानेर
- मुकदमा नंबर 5/2025 (दिनांक 03-01-2025), धारा 303(2) बीएनएस, थाना गांधीनगर
- मुकदमा नंबर 79/2025 (दिनांक 02-02-2025), धारा 303(2) बीएनएस, थाना खोह नागोरियान
- मुकदमा नंबर 688/2025 (दिनांक 03-11-2025), धारा 11(2)(ख), 303(2), 3ए(2) बीएनएस, थाना मथुरागेट (भरतपुर)
बरामद वाहनों का विवरण (कुल 17 मोटरसाइकिलें)
- RJ-60-JS-3950 (प्रकरण में चोरी गई मूल बाइक)
- RJ-14-HZ-9184 (वारदात में प्रयुक्त अपाचे बाइक)
- RJ-60-GS-6411 (स्प्लेंडर प्लस – नाई की थड़ी)
- RJ-14-HV-4137 (स्प्लेंडर प्लस – मुरलीपुरा)
- RJ-05-XS-1250 (स्प्लेंडर प्लस – गोवर्धनपुरी, गलतागेट)
- MP-06-ZL-1083 (स्प्लेंडर प्लस – आमागढ, टीपी नगर)
- UP-25-BK-5989 (अपाचे – बदनपुरा, गलतागेट)
- RJ-14-ZK-6994 (मोटरसाइकिल – जयसिंहपुरा खोर)
- RJ-60-QS-1692 (स्प्लेंडर प्लस – गोवर्धनपुरी, गलतागेट)
- RJ-60-KS-4830 (बुलेट – झालाना डूंगरी, गांधीनगर)
- RJ-34-SX-1343 (स्प्लेंडर प्लस – झालाना डूंगरी, गांधीनगर)
- RJ-60-RS-7988 (स्प्लेंडर प्लस – जामडोली)
- RJ-60-QS-2191 (स्प्लेंडर प्लस – मालवीय नगर)
- RJ-05-VS-1371 (स्प्लेंडर प्लस – अज्ञात स्थान)
- RJ-60-MS-8859 (बुलेट – जामडोली)
- RJ-60-FS-1313 (बुलेट – रामगंज)
- RJ-25-CS-4413 (स्प्लेंडर प्लस – रामगंज)
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
गठित टीम: धर्मेन्द्र कुमार शर्मा (पु.नि.), किशोरी लाल (हैड कानि. 1391), प्रदीप सिंह (हैड कानि. 1229), कुलदीप (हैड कानि. 2417), विनीत (कानि. 7613), विजय कुमार (कानि. 8632), राजू सिंह (कानि. 12284), नन्छुराम (कानि., डीसीपी कार्यालय साइबर शाखा)।
(वारदात के खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ में हैड कांस्टेबल प्रदीप सिंह, हैड कांस्टेबल कुलदीप सिंह और कांस्टेबल राजू सिंह की विशेष भूमिका रही।)