जयपुर में कबड्डी का महाकुंभ: पंच गौरव योजना से निखर रही ग्रामीण खेल प्रतिभाएं

जयपुर में कबड्डी का महाकुंभ: पंच गौरव योजना से निखर रही ग्रामीण खेल प्रतिभाएं

| प्रीति बलानी

जयपुर, 08 फरवरी 2026: राजस्थान की राजधानी जयपुर के गांव-गांव और ढाणी-ढाणी में इन दिनों ‘कबड्डी…कबड्डी’ की गूंज सुनाई दे रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की खेल प्रोत्साहन की मंशा के अनुरूप, जिला प्रशासन जयपुर द्वारा पंच गौरव योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के तहत ‘एक जिला-एक खेल’ के रूप में कबड्डी को विशेष पहचान दिलाने के लिए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में व्यापक स्तर पर कार्य हो रहे हैं।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

​खेल बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी विस्तार

​जयपुर जिले में युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है। मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत के अनुसार:

  • मैदानों का जाल: जिले के प्रत्येक राजस्व गांव में कबड्डी मैदान विकसित करने के लक्ष्य के तहत अब तक 1,173 मैदान तैयार किए जा चुके हैं।
  • सिंथेटिक मेट मैदान: प्रत्येक ब्लॉक में सिंथेटिक मेट मैदान तैयार किए गए हैं (फागी ब्लॉक में दो मैदान)। इन पर लगभग 32.70 लाख रुपये व्यय किए गए हैं।
  • बजट प्रावधान: ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ के तहत अब तक 1.77 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है।

​प्रतिभाओं को तराशने के विशेष प्रयास

​अतिरिक्त जिला कलक्टर विनीता सिंह ने बताया कि कबड्डी ग्रामीण परिवेश का एक सहज और सुलभ खेल है। युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जिला प्रशासन निम्नलिखित कदम उठा रहा है:

  1. नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताएं: तैयार किए गए मैदानों पर युवा नियमित अभ्यास कर रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर निरंतर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
  2. स्कूलों में खेल अनिवार्य: जिले के सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों में हर शनिवार (नो बैग डे) को कबड्डी का आयोजन सुनिश्चित किया गया है।
  3. स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: सांगानेर, जोबनेर और झोटवाड़ा ब्लॉक में नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की स्वीकृति दी गई है, जहां अन्य खेलों के साथ कबड्डी के आधुनिक मैदान होंगे।

​वित्तीय प्रोत्साहन और संसाधन

​राज्य सरकार ने पंच गौरव योजना के माध्यम से कबड्डी को बढ़ावा देने के लिए बजट की कोई कमी नहीं रखी है:

  • प्रोत्साहन बजट: 21.50 लाख रुपये।
  • खेल उपकरण: उपकरणों की खरीद के लिए 10 लाख रुपये आवंटित।
  • एक्सपोजर विजिट: स्थानीय खिलाड़ियों को अन्य राज्यों के खिलाड़ियों के साथ संवाद और सीखने के लिए 9 लाख रुपये का विशेष प्रावधान।

​भामाशाहों का सहयोग

​इस खेल अभियान में जिला प्रशासन को भामाशाहों का भी भरपूर साथ मिल रहा है। ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताओं और संसाधनों के विकास में स्थानीय दानदाताओं द्वारा आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे खेल संस्कृति एक जन-आंदोलन का रूप ले रही है।

​जिला कलक्टर के मार्गदर्शन में जयपुर अब कबड्डी के एक बड़े हब के रूप में उभर रहा है, जिसका उद्देश्य भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना है।

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