जयपुर में आज से ‘इंडिया स्टोनमार्ट 2026’ का आगाज़: CM भजनलाल शर्मा करेंगे भव्य उद्घाटन

जयपुर में आज से ‘इंडिया स्टोनमार्ट 2026’ का आगाज़: CM भजनलाल शर्मा करेंगे भव्य उद्घाटन

| योगेश शर्मा

जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर एक बार फिर वैश्विक स्टोन इंडस्ट्री के सबसे बड़े महाकुंभ की साक्षी बनने जा रही है। भारत के प्राकृतिक पत्थर (नेचुरल स्टोन) उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से ’13वां इंडिया स्टोनमार्ट 2026′ आज यानी 5 फरवरी से जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), सीतापुरा में शुरू हो रहा है।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

​चार दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सुबह 10 बजे मुग्धा कन्वेंशन हॉल में करेंगे।

दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा

​उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री के साथ उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू और संगठन महामंत्री प्रकाश चंद्र सहित उद्योग जगत की नामचीन हस्तियां मौजूद रहेंगी। आर.के. मार्बल के अध्यक्ष अशोक पाटनी और सीडॉस (CDOS) व रिको (RIICO) के वरिष्ठ पदाधिकारी भी इस अवसर पर स्टोन इंडस्ट्री के भविष्य पर मंथन करेंगे।

विशेष आकर्षण: रामलला के शिल्पकार अरुण योगीराज की उपस्थिति

​इस बार स्टोनमार्ट का सबसे खास आकर्षण अयोध्या में स्थापित भगवान श्रीराम (रामलला) की दिव्य मूर्ति के शिल्पकार अरुण योगीराज होंगे।

  • कला और उद्योग का संगम: योगीराज की मौजूदगी यह संदेश देगी कि पत्थर केवल एक खनिज नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का माध्यम है।
  • शिल्प कला को सम्मान: उनकी भागीदारी से इस औद्योगिक प्रदर्शनी को एक सांस्कृतिक गरिमा प्राप्त होगी, जो पत्थर तराशने की सदियों पुरानी भारतीय परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगी।

क्यों खास है ‘इंडिया स्टोनमार्ट 2026’?

​यह आयोजन एशिया के सबसे प्रभावशाली स्टोन इंडस्ट्री प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है। यहाँ खनन से लेकर प्रोसेसिंग, नई मशीनरी और निर्यात तक की पूरी श्रृंखला एक छत के नीचे दिखेगी।

मुख्य आकर्षण और पहल:

  1. शिल्पग्राम (रुड़ा): ग्रामीण गैर कृषि विकास अभिकरण (RUDA) द्वारा आयोजित शिल्पग्राम में राजस्थान के पारंपरिक कारीगर अपनी कला का जीवंत प्रदर्शन करेंगे।
  2. MSME फोकस: छोटे स्टोन उद्यमियों और स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा।
  3. राजस्थली पवेलियन: राजस्थान की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत का प्रदर्शन।
  4. ग्रीन टेक्नोलॉजी: स्टोन प्रोसेसिंग में ऑटोमेशन और पर्यावरण के अनुकूल नई तकनीकों का प्रदर्शन।
  5. डिजिटल पहल: पहली बार मोबाइल ऐप के जरिए मुफ्त वर्चुअल स्टॉल की सुविधा दी जा रही है।

ग्लोबल नेटवर्किंग का बड़ा मंच

​इंडिया स्टोनमार्ट में केवल स्थानीय व्यापारी ही नहीं, बल्कि विदेशी खरीदार, अंतरराष्ट्रीय आर्किटेक्ट्स, रियल एस्टेट डेवलपर्स और निवेशक भी शामिल हो रहे हैं। यह आयोजन भारतीय पत्थर उद्योग के लिए नए निर्यात बाजार खोलने और निवेश के अवसर पैदा करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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