जयपुर ब्रेकिंग: नेहरू बाजार हादसे के बाद जागा निगम, JCB चलाकर ढहाए गए जर्जर बरामदे; रास्ता पूरी तरह बंद

जयपुर ब्रेकिंग: नेहरू बाजार हादसे के बाद जागा निगम, JCB चलाकर ढहाए गए जर्जर बरामदे; रास्ता पूरी तरह बंद

| गौरव कोचर

जयपुर। गुलाबी नगरी के ऐतिहासिक नेहरू बाजार में बीती रातहुए हादसे के बाद, आखिरकार प्रशासन की नींद टूटी है। देर रात बरामदों की छत गिरने की घटना के बाद, आज दोपहर 4:00 बजे नगर निगम की टीम भारी पुलिस जाब्ते और JCB मशीनों के साथ मौके पर पहुंची।

​प्रशासन की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: मलबे के साथ हटाए गए खतरनाक हिस्से

​हादसे वाली जगह पर लटकते हुए पत्थरों और पिलरों से किसी और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए, नगर निगम ने आज शाम कड़ा रुख अपनाया। निगम की JCB ने दुकान नंबर 174 से 177 के आसपास के उन हिस्सों को भी ढहा दिया जो पूरी तरह जर्जर हो चुके थे।

  • रास्ता किया गया बंद: कार्रवाई के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से नेहरू बाजार के इस हिस्से को बैरिकेड्स लगाकर आमजन और ट्रैफिक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया।
  • व्यापारियों में रोष: दोपहर तक मौके पर न पहुंचने वाले अधिकारियों को जब शाम को जेसीबी के साथ देखा गया, तो व्यापारियों ने अपना विरोध भी दर्ज कराया। व्यापारियों का कहना है कि जो काम समय रहते मरम्मत से हो सकता था, उसे अब तोड़फोड़ कर अंजाम दिया जा रहा है।

​स्मार्ट सिटी के दावों पर ‘पीला पंजा’

​यह कार्रवाई उन करोड़ों रुपयों के बजट पर भी सवाल उठाती है जो ‘हेरिटेज संरक्षण’ के नाम पर खर्च किए गए थे। आज जिस तरह से जेसीबी चली, उसने स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन के पास सुरक्षा का कोई पुख्ता प्लान नहीं था, बल्कि वे केवल ‘डैमेज कंट्रोल’ में जुटे हैं।

घटनाक्रम की टाइमलाइन

विवरण

देर रात

दुकान नंबर 174-177 के बरामदों की छत अचानक गिरी।

सुबह 10:00 बजे

व्यापारियों का प्रदर्शन, निगम अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी।

दोपहर 04:00 बजे

नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर पहुंची और जर्जर हिस्से को ढहाया।

शाम 05:00 बजे तक

नेहरू बाजार का मुख्य रास्ता बैरिकेडिंग कर पूरी तरह बंद।

मलबे’ में दबी जिम्मेदारी

​स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला धंसने की शिकायत महीनों पुरानी थी। नगर निगम ने 10 दिन पहले बैरिकेडिंग तो लगाई, लेकिन समाधान नहीं किया। अब जब छत गिर गई, तो आनन-फानन में रास्ता बंद कर तोड़फोड़ की जा रही है, जिससे व्यापारियों का कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

अधिकारियों का पक्ष: मौके पर मौजूद निगम अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता जनहानि को रोकना है। जो हिस्से बेहद जर्जर हैं और कभी भी गिर सकते हैं, उन्हें सुरक्षा के लिहाज से हटाया जा रहा है। रास्ता साफ होने और तकनीकी जांच के बाद ही इसे दोबारा खोला जाएगा।

spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

पीआईईटी में ‘आईट्रिपलई दिल्ली सेक्शन कांग्रेस’ का भव्य आयोजन: तकनीक और नेतृत्व का अनूठा संगम

पीआईईटी में 'आईट्रिपलई दिल्ली सेक्शन कांग्रेस' का भव्य आयोजन:...