जयपुर/ गौरव कोचर/पुलिस आयुक्तालय के जिला जयपुर पूर्व द्वारा स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (SKIT) में एक दिवसीय साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला डीजीपी/आईजीपी पुलिस सम्मेलन-2024 की सिफारिश संख्या-12 की अनुपालना तथा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित दो वर्षीय कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत संपन्न हुई।
साइबर अपराधों से बचाव पर विस्तृत सत्र
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। सत्र के दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों और कॉलेज स्टाफ को आधुनिक साइबर खतरों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी:

- प्रमुख साइबर खतरे: ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग अटैक, फर्जी कॉल्स और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों की कार्यप्रणाली समझाई गई।
- सुरक्षा उपाय: मजबूत पासवर्ड प्रबंधन, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग और अज्ञात लिंक्स पर क्लिक न करने जैसी महत्वपूर्ण सावधानियां साझा की गईं।
- त्वरित कार्रवाई: किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या अपराध का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस हेल्पलाइन व संबंधित पोर्टल पर सूचना देने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
पुलिस टीम की सहभागिता
कार्यशाला में सहायक पुलिस आयुक्त प्रियंका वैष्णव (साइबर अनुसंधान इकाई, जयपुर पूर्व), महिला थानाधिकारी मंजू चौधरी तथा साइबर अनुसंधान इकाई के पुलिसकर्मी अशोक कुमार व राजकुमार ने व्याख्यान दिया और विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए।
इस कार्यशाला में 1500 से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षण स्टाफ ने भाग लिया। जयपुर पूर्व पुलिस के अनुसार युवाओं को साइबर जगत में सुरक्षित और सजग बनाए रखने के लिए इस प्रकार के विशेष अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे।