जयपुर/ गौरव कोचर/जयपुर पूर्व जिले के पुलिस थाना रामनगरिया ने वाहन चोरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए बाइक चोरी की वारदातों का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस टीम ने दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से रामनगरिया इलाका, दौसा और जयपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से चुराई गई 6 मोटरसाइकिल बरामद की हैं। दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और पूछताछ में दर्जनों चोरी की वारदातें कबूल कर चुके हैं।
उच्चाधिकारियों के निर्देशन में बनी विशेष टीम
पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा (IPS) ने बताया कि पुलिस आयुक्त जयपुर महानगर सचिन मित्तल द्वारा शहर में बढ़ती मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों की रोकथाम और अपराधियों की धरपकड़ के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व पारस जैन (RPS) के निर्देशन, सहायक पुलिस आयुक्त सांगानेर दीपक खण्डेवाल (RPS) के सुपरविजन और थानाधिकारी रामनगरिया अनिल कुमार टेलर (पुलिस निरीक्षक) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
25 अगस्त को दर्ज हुआ था मामला
मामले के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को परिवादी ने रामनगरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 अगस्त को शाम 7:00 बजे उसने अपनी स्प्लेंडर बाइक (RJ14SA6831) पिंक सिटी एन्क्लेव, ओबीसी कॉलोनी, ज्ञान विहार कॉलेज के पास खड़ी की थी, जो कुछ ही देर में चोरी हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, मुल्जिमों की आवाजाही के रूट का निर्धारण किया और तकनीकी व मैनुअल पुलिसिंग के जरिए दबिश दी।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
- पुष्पेन्द्र उर्फ छप्पन (उम्र 24 वर्ष), निवासी विलापाडा, थाना नादौती, जिला करौली।
- अजय राज मीणा उर्फ भूरा (उम्र 23 वर्ष), निवासी घाटोली, थाना नादौती, जिला करौली।
मौज-मस्ती के लिए करते थे चोरी (तरीका वारदात)
पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी मौज-मस्ती और शौक पूरे करने के लिए चोरी की वारदातें करते हैं। वे सुनसान, खुली जगहों और भीड़-भाड़ वाले प्रतिष्ठानों से थोड़ी दूर खड़ी बाइकों को मास्टर चाबी या लॉक तोड़कर चुराते थे। चोरी के बाद वाहनों को सुनसान जगह छुपा दिया जाता था और ग्राहक तलाश कर सस्ते दामों में बेचकर मिलने वाले रुपयों से ऐशो-आराम करते थे। आरोपियों के खिलाफ जयपुर और अन्य जिलों में पहले से भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को 30 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर अदालत से पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम:
अनिल कुमार टेलर (थानाधिकारी), प्रभूदयाल (हैड कांस्टेबल 1401), विनोद कुमार (कांस्टेबल 2630), मुनेश (कांस्टेबल 4896), शंकरलाल (कांस्टेबल 7740), शिवपाल (कांस्टेबल 9690) और गणेश (कांस्टेबल 9958)।
(विशेष भूमिका: पूरी कार्रवाई और मुल्जिमों की धरपकड़ में कांस्टेबल शिवपाल की अहम भूमिका रही।)