गौरव कोचर
जयपुर: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर थाना टीम ने DGFT-ICEGATE स्क्रिप घोटाले में प्रभावी कार्यवाही करते हुए 4 और शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के मार्गदर्शन और विशेष पुलिस आयुक्त ओम प्रकाश के निर्देशन में इस हाई-टेक घोटाले का पर्दाफाश किया गया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अजय सिंह की मॉनिटरिंग और पुलिस उपायुक्त (अपराध) संजीव कुमार नैन के संचालन में अब तक इस प्रकरण में कुल 9 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
क्या है पूरा घोटाला? (Modus Operandi)
यह मामला केंद्र सरकार द्वारा निर्यातकों (Exporters) को दिए जाने वाले अनुदान (RoDTAP/E-Scrips) की चोरी से जुड़ा है। जालसाज निर्यातकों के DGFT (Directorate General of Foreign Trade) खाते में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर उनकी प्रोफाइल बदल देते थे। फर्जी डिजिटल सिग्नेचर (DSC) के जरिए नई ICEGATE ID बनाई जाती थी और फिर असली फर्म को मिलने वाले सरकारी लाभ को फर्जी (Mule) खातों और आईडी में ट्रांसफर कर लिया जाता था।
इन धाराओं में दर्ज है मामला
साइबर थाना जयपुर में दर्ज FIR संख्या 0071/2026 के तहत आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, आईटी एक्ट 2000, आधार एक्ट 2016 और टेलीकॉम एक्ट 2023 की गंभीर धाराओं (जैसे 318(4), 336(3), 66C IT Act आदि) के तहत कार्यवाही की गई है।
हाल ही में गिरफ्तार हुए अभियुक्त:
- राहुल झा (26 वर्ष): निवासी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश (मूल निवासी बिहार)।
- यशवंत गर्ग (30 वर्ष): निवासी जोधपुर, राजस्थान।
- नदीम खान (30 वर्ष): निवासी जोधपुर पूर्व, राजस्थान।
- सतपाल तुंगरिया (24 वर्ष): निवासी सीकर, राजस्थान। (नोट: पूर्व में सुल्तान खान, नंद किशोर, निर्मल सोनी, अशोक कुमार भंडारी और प्रमोद खत्री को गिरफ्तार किया जा चुका है।)
सराहनीय कार्य करने वाली विशेष पुलिस टीम
इस जटिल तकनीकी मामले को सुलझाने में अनुसंधान अधिकारी चन्द्र प्रकाश (उप पुलिस अधीक्षक) के नेतृत्व में निम्न टीम ने विशेष भूमिका निभाई:
ओम प्रकाश (ASI/साइबर कमांडो), सीताराम (ASI), शिव कुमार (कानि. 11215), धर्मेन्द्र सिंह (कानि. 10771) एवं प्रदीप कुमार (कानि. 10881)
पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और भविष्य की संभावित वारदातों का खुलासा किया जा सके।