जयपुर/ गौरव कोचर/जयपुर पूर्व की प्रताप नगर थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका की बेटी सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सरकारी नौकरी और करोड़ों की प्रॉपर्टी हथियाने के लालच में एक महिला की गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी और इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। यह हत्या 7 लाख रुपये की सुपारी देकर कराई गई थी।
प्रॉपर्टी और अनुकंपा नियुक्ति का लालच, 3 महीने से चल रही थी साजिश
पुलिस उपायुक्त (जयपुर पूर्व) रंजीता शर्मा (IPS) ने बताया कि मृतका नीरज शर्मा के पति विजय कुमार शर्मा की मौत के बाद नीरज शर्मा को अनुकंपा नियुक्ति के तहत सरकारी नौकरी मिल गई थी। मृतका की 23 वर्षीय बेटी आयुषी शर्मा खुद वह नौकरी पाना चाहती थी। मां के नौकरी पर लग जाने और प्रॉपर्टी न देने से नाराज होकर आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और ताऊ के लड़के बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर मां को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पिछले 3 महीने से हत्या की योजना बनाई जा रही थी और थार गाड़ी से किया गया पहला प्रयास असफल होने के बाद, दूसरी बार में स्कॉर्पियो गाड़ी से कुचलकर वारदात को अंजाम दिया गया।
ऐसे हुआ सनसनीखेज वारदात का खुलासा
4 जुलाई 2026 को मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा ने प्रताप नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बहन नीरज शर्मा अपने 17 वर्षीय दिव्यांग बेटे के साथ रहती थीं। ससुराल वाले (सास, जेठ का लड़का बलराम और बेटी आयुषी) प्रॉपर्टी के लिए उन्हें प्रताड़ित कर रहे थे। घटना के दिन आयुषी ने मामा को फोन कर सिर्फ इतना कहा कि “मम्मी का एक्सीडेन्ट हो गया है और वह खत्म हो गई हैं” और फोन काट दिया। संदेह होने पर पुलिस ने मर्डर का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल (RPS) के मार्गदर्शन और सहायक पुलिस आयुक्त (सांगानेर) हरिशंकर शर्मा (RPS) के निर्देशन में थानाधिकारी पूरण मल यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
वारदात का तरीका: सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से टूटी कड़ियां
घटनास्थल के निरीक्षण और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ में सामने आया कि एक तेज रफ्तार सफेद स्कॉर्पियो महिला को टक्कर मारकर भागी थी। पुलिस टीम ने इलाके के 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्ध हरियाणा नंबर की स्कॉर्पियो चौपाटी के पास लावारिस हालत में मिल गई। गाड़ी के आगे-पीछे मिट्टी पुती हुई थी और दाहिना हिस्सा दुर्घटनाग्रस्त था।
तकनीकी शाखा की मदद से पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की और दौसा, भरतपुर, मथुरा व आगरा में दबिश देकर 7 आरोपियों को धरदबोचा। पूछताछ में मुख्य शूटर आकाश ने कुबूला कि उसे हेमंत के जरिए मृतका को मारने की 7 लाख रुपये की सुपारी मिली थी। वारदात के वक्त आकाश खुद स्कॉर्पियो चला रहा था, जबकि उसके साथी बाइक और कार से रेकी व मदद कर रहे थे।
पुलिस टीम (विशेष भूमिका और सदस्य)
इस पूरे प्रकरण का पर्दाफाश करने में हेड कांस्टेबल दयाराम (नंबर 2414) और कांस्टेबल गणेश (नंबर 9928) की विशेष भूमिका रही।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम:
पूरण मल यादव (थानाधिकारी), गिरिराज (एसआई), बलदेव (एएसआई), दयाराम (एचसी 2414), सुभाष चन्द (हैडकानि 900), गणेश (एफसी 9958), बिरदी चन्द (कानि 3469), दिलीप सिंह (कानि 11211), दिलीप कुमार (कानि 11059), मुकेश कुमार (कानि 7763), हंसा (महिला कानि 8486) एवं दयाराम (कानि 8369, तकनीकी शाखा)।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम:
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- आयुषी शर्मा (23 वर्ष) – मृतका की बेटी (मुख्य साजिशकर्ता), निवासी: सांगानेर, जयपुर।
- मोहन स्वरूप (56 वर्ष) – मृतका का ताऊ, निवासी: सेवर, भरतपुर (साजिशकर्ता)।
- आकाश शर्मा (23 वर्ष) – शूटर/ड्राइवर, निवासी: रूपवास, भरतपुर।
- मोहित शर्मा (21 वर्ष) – रेकी और सूचना देने वाला, निवासी: गहनोली मोड़, भरतपुर।
- अरविन्द शर्मा (21 वर्ष) – गाड़ी में मौजूद आरोपी, निवासी: गहनोली मोड़, भरतपुर।
- हेमंत शर्मा (20 वर्ष) – सुपारी का सौदा करने वाला बिचौलिया, निवासी: बयाना, भरतपुर।
- रोहित जाटव (22 वर्ष) – भागने में मदद करने वाला बाइक सवार, निवासी: गहनोली मोड़, भरतपुर।
नोट: मामले का एक मुख्य आरोपी बलराम उर्फ रवि (ताऊ का लड़का) अभी भी फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।