गौरव कोचर
जयपुर, 12 मई 2026। आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करने की दिशा में जयपुर पुलिस ने एक सराहनीय कदम उठाया है। मंगलवार को जयपुर पुलिस आयुक्तालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त श्री सचिन मित्तल ने अपनी ड्यूटी के प्रति असाधारण समर्पण, लगन और मेहनत दिखाने वाले छह पुलिसकर्मियों को “कांस्टेबल ऑफ द मंथ” (अप्रैल माह) के अवार्ड से सम्मानित किया।
पुलिसकर्मियों का बढ़ेगा मनोबल
सम्मान समारोह के दौरान पुलिस आयुक्त श्री सचिन मित्तल ने कहा कि इस नवाचार का मुख्य उद्देश्य पुलिस बेड़े के जमीनी स्तर के कर्मियों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पुरस्कार से न केवल सम्मानित होने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि अन्य कर्मी भी बेहतर और सराहनीय कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे।
सम्मानित होने वाले ‘सुपर कॉप्स’ और उनके साहसिक कार्य:
अप्रैल माह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जयपुर के विभिन्न जिलों और शाखाओं से इन पुलिसकर्मियों का चयन किया गया:
1. कांस्टेबल बनवारी लाल (थाना मोतीडूंगरी, जिला पूर्व)
इन्होंने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की। पांच माह से फरार और 5,000 रुपये के इनामी अपराधी आकाश बिलोनिया (जिस पर 37 आपराधिक मामले दर्ज हैं) को गिरफ्तार करवाने में बनवारी लाल ने मुख्य भूमिका निभाई।
2. कांस्टेबल दीपचन्द (थाना वैशालीनगर, जिला पश्चिम)
चेन स्नैचिंग की वारदातों को सुलझाने में इन्होंने तकनीकी कुशलता का परिचय दिया। सीसीटीवी कैमरों की सघन जांच कर इन्होंने कार सवार तीन लुटेरों को दबोचा। साथ ही, क्वींस रोड पर झपट्टा मारकर चेन तोड़ने वाले दो अन्य आरोपियों को भी वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार करवाया।
3. कांस्टेबल विरेन्द्र कुमार (थाना आमेर, जिला उत्तर)
विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा और सहायता के लिए विरेन्द्र कुमार को सम्मानित किया गया। आमेर महल में पर्यटकों को परेशान करने वाले लपका गिरोह पर लगाम कसने और विदेशी महिला पर्यटक से छेड़छाड़ के मामले में वांछित अभियुक्तों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में इन्होंने तत्परता दिखाई, जिससे राजस्थान पर्यटन पुलिस की छवि उज्ज्वल हुई।
4. कांस्टेबल राजू चौधरी (थाना शिप्रापथ, जिला दक्षिण)
राजू चौधरी ने अपराधियों के खिलाफ सघन अभियान चलाया। इन्होंने एक ही माह में 18 अपराधियों की सूचनाएं जुटाकर उन्हें गिरफ्तार करवाया और लंबे समय से लंबित 48 स्थायी वारंटियों को पकड़कर कानूनी निस्तारण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
5. कांस्टेबल सुरेन्द्र कुमार (यातायात पश्चिम, जयपुर)
सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के समन्वय का उदाहरण पेश करते हुए, इन्होंने हाथोज स्टैंड पर ड्यूटी के दौरान फर्जी नंबर प्लेट लगी एक संदिग्ध गाड़ी को पकड़ा। इस मामले में कालवाड़ थाने में मुकदमा दर्ज करवाकर एक संभावित अपराध को रोका गया।
6. कांस्टेबल सुरेन्द्र कुमार यादव (कार्यालय पुलिस आयुक्त)
प्रशासनिक दक्षता के लिए सम्मानित सुरेन्द्र कुमार ने आयुक्तालय की समस्त शाखाओं के बीच डिजिटल संचार (ई-मेल, फैक्स) को सुव्यवस्थित किया। देर रात तक कार्यालय में रहकर कार्यों का त्वरित निपटान सुनिश्चित करने के लिए उनकी मेहनत को सराहा गया।