जयपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’: 10 दिवसीय अभियान में वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 33 बाइक बरामद
| गौरव कोचर
जयपुर। जयपुर पूर्व जिले में वाहन चोरी की बढ़ती वारदातों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस उपायुक्त संजीव नैन के निर्देशन में चलाए गए 10 दिवसीय विशेष अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिला विशेष टीम (DST) और चार थानों (रामनगरिया, एयरपोर्ट, जामडोली, कानौता) की संयुक्त कार्रवाई में संगठित गिरोह के 7 शातिर चोरों को गिरफ्तार और एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के 33 दुपहिया वाहन बरामद किए हैं, जिनमें रॉयल एनफील्ड जैसी महंगी बाइक और स्कूटी शामिल हैं।
📅 10 दिनों की ताबड़तोड़ कार्रवाई का ब्यौरा
पुलिस ने अलग-अलग तारीखों में जाल बिछाकर इन बदमाशों को दबोचा:
- 14 जनवरी: एयरपोर्ट थाना पुलिस ने वसीम खान और गौरव उर्फ गोलू सिंधी को गिरफ्तार किया।
- 16 जनवरी: जामडोली थाना पुलिस ने विरेन्द्र उर्फ विक्रम मीणा और शैलेन्द्र कुमार जाटव को पकड़ा।
- 19 जनवरी: कानौता थाना पुलिस ने एक नाबालिग वाहन चोर को निरुद्ध किया।
- 23 जनवरी: रामनगरिया थाना पुलिस ने मनीष मीणा, गौरव उर्फ गोलू और कमलेश उर्फ कमलेश हाबुडी को गिरफ्तार किया।
‘ऑन डिमांड’ चोरी और शौक के लिए अपराध
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अब तक 60 से अधिक (पाँच दर्जन) वाहन चोरी कर चुके हैं।
- मोडस ऑपेरंडी: यह एक संगठित गिरोह है जो ‘ऑन डिमांड’ वाहन चोरी करता है।
- सौदा: आरोपी चोरी की गई पावर बाइक (रॉयल एनफील्ड आदि) को 15-20 हजार रुपये में और स्प्लेंडर जैसी बाइक को 7-8 हजार रुपये में बेच देते थे।
- मकसद: चोरी के वाहनों को बेचकर मिलने वाले रुपयों से आरोपी मौज-मस्ती और शौक पूरे करते थे।
बरामद वाहनों का विवरण
पुलिस ने विभिन्न थानों की कार्रवाई में कुल 33 वाहन जप्त किए हैं:
- एयरपोर्ट थाना: 04 स्कूटी और 01 मोटरसाइकिल।
- जामडोली थाना: 08 मोटरसाइकिल।
- कानौता थाना: 04 रॉयल एनफील्ड और 02 स्प्लेंडर प्लस।
- रामनगरिया थाना: 03 रॉयल एनफील्ड और 11 अन्य मोटरसाइकिल।
पुलिस टीम की भूमिका
यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल के सुपरविजन में सहायक पुलिस आयुक्त विनोद कुमार शर्मा, हरिशंकर शर्मा, लक्ष्मी सुथार और विनय कुमार डी.एच. के निर्देशन में संपन्न हुई।
कार्यवाही में शामिल टीम:
सुखवीर सिंह, रूपनारायण, प्रहलाद नारायण शर्मा, मुनेन्द्र सिंह, चन्द्रभान, बन्ना लाल, छीतरमल, तुलसीराम, रणवीर सिंह, अविनाश, राजेश, हरूराम, धमेन्द्र, देवेन्द्र, पवन, विजय सिंह, नीरज, हेमन्त, उदय सिंह, जितेन्द्र सिंह, दयाराम, झम्मन लाल, लोकेन्द्र, गजानन्द।
इस पूरे अभियान में हरूराम (कानि. 10161), देवेन्द्र (कानि. 11068) और पवन (कानि. 12075) की विशेष भूमिका रही। आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे शहर की कई अन्य वारदातों के खुलने की संभावना है।
