जयपुर पुलिस कमिश्नरेट का बड़ा फैसला : स्पा व मसाज सेंटरों पर नई सख्ती, 28 सितम्बर से लागू आदेश
गौरव कोचर
जयपुर, 28 सितम्बर 2025।
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में संचालित स्पा और मसाज केन्द्रों पर अब सख्त नियम लागू होंगे। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. रामेश्वर सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से विस्तृत दिशा-निर्देश लागू किए हैं। आदेश 28 सितम्बर 2025 से 26 नवम्बर 2025 तक प्रभावी रहेगा।
आदेश के मुख्य बिंदु
- पुरुष और महिला स्पा के अलग खंड – परिसर में पुरुष और महिला ग्राहकों के लिए पूरी तरह अलग खंड होंगे, अलग प्रवेश द्वार के साथ।
- बंद दरवाजों पर रोक – मसाज सेवाएं बंद दरवाजों के पीछे नहीं दी जाएंगी। किसी भी कक्ष के दरवाजों पर कुंडी या बोल्ट नहीं होंगे।
- बाहरी दरवाजे खुले रखने की शर्त – कार्य समय में केन्द्र का मुख्य दरवाजा खुला रखना अनिवार्य होगा।
- पहचान पत्र अनिवार्य – सभी ग्राहकों के पहचान पत्र और संपर्क विवरण का रजिस्टर रखा जाएगा।
- आवासीय उपयोग निषिद्ध – परिसर को आवासीय उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
- प्रशिक्षित कर्मचारी – मसाज करने वालों के पास मान्यता प्राप्त संस्था से डिप्लोमा या प्रमाण पत्र होना जरूरी।
- कर्मचारियों की पहचान – सभी कर्मचारी पहचान पत्र पहनकर काम करेंगे और उनकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष होगी।
- पुलिस क्लीयरेंस अनिवार्य – किसी भी कर्मचारी को रखने से पहले पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट लेना होगा।
- कानूनी अनुपालन – केन्द्रों को अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम सहित सभी लागू कानूनों का पालन करना होगा।
- जानकारी का सार्वजनिक प्रदर्शन – नाम, लाइसेंस नंबर, काम के घंटे आदि की जानकारी परिसर के बाहर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी।
- रिसेप्शन पर डिस्प्ले बोर्ड – साइट प्लान, बिस्तरों की संख्या, कर्मचारियों का विवरण और हेल्पलाइन नंबर (112, 181) हिंदी व अंग्रेजी में प्रदर्शित होंगे।
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
आदेश की अवहेलना करने वाले व्यक्ति, कम्पनी या संस्था के जिम्मेदार प्रबंधकों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उद्देश्य
पुलिस प्रशासन के अनुसार, जयपुर जैसे तेजी से विकसित होते शहर में स्पा/मसाज सेंटरों के नाम पर अवैध और आपत्तिजनक गतिविधियों की शिकायतें बढ़ रही थीं। नई गाइडलाइन का मकसद ऐसे प्रतिष्ठानों को नियंत्रित कर सार्वजनिक सुरक्षा और लोक-व्यवस्था बनाए रखना है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और जनता तक व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रेस व सभी सरकारी नोटिस बोर्डों पर चस्पा किया जाएगा।