जयपुर पुलिस आयुक्त ने की समीक्षा बैठक: ‘आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर’ विकसित करने पर दिया जोर

गौरव कोचर 

जयपुर, 9 मई। जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने शहर की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस आयुक्तालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य केंद्र अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाना, आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना और अपराधियों के मन में भय की भावना स्थापित करना रहा।

​बैठक में स्पेशल पुलिस आयुक्त ओम प्रकाश, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सिटी अजय सिंह राठौड़, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव पचार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात एवं प्रशासन योगेश दाधीच सहित पुलिस उपायुक्त संजीव (अपराध), करण शर्मा (उत्तर), राजर्षि (दक्षिण), प्रशांत किरन (पश्चिम) और रंजिता शर्मा (पूर्व) उपस्थित रहे।

महिला सुरक्षा और एससी-एसटी प्रकरणों में त्वरित न्याय

​पुलिस आयुक्त मित्तल ने महिला अत्याचार, बाल अपराध और एससी-एसटी एक्ट से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

अपराधों पर लगाम और अपराधियों की धरपकड़

  • संपत्ति संबंधी अपराध: चोरी, नकबजनी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों को रोकने के लिए विशेष निगरानी और अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
  • हार्डकोर अपराधी: वांछित और हार्डकोर अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाने और संगठित अपराधों में शामिल गैंगस्टरों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई के आदेश दिए गए।
  • पुराने मामलों का निस्तारण: पुराने लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर देते हुए अनुसंधान कार्य में तेजी लाने को कहा गया।

तकनीक और नए कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन

​पुलिस आयुक्त ने नए आपराधिक कानूनों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए थानों में आवश्यक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने पोर्टल और राजकॉप एप पर दर्ज मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा विभागीय जांचों का समयबद्ध निस्तारण करने के लिए अधिकारियों को पाबंद किया।

साइबर सुरक्षा और हेल्पलाइन 1930

​साइबर अपराध और ऑनलाइन फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मित्तल ने आमजन में जागरूकता बढ़ाने और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण कर पीड़ितों को राहत दिलाने के निर्देश दिए।

जनसहभागिता और बीट पुलिस प्रणाली

​पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के क्रम में थाना स्तर पर महिला बीट और युवा सीएलजी (CLG) सदस्यों के गठन पर जोर दिया गया। आयुक्त ने बीट पुलिस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया ताकि पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद और समन्वय बढ़ सके।

​बैठक के अंत में उन थानों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई जिनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था, और वहां की स्थिति सुधारने के लिए नई रणनीतियां बनाने के निर्देश दिए गए।

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