गौरव कोचर
जयपुर | पुलिस आयुक्तालय जयपुर के पश्चिम जिले के बिन्दायका थाना पुलिस ने जमीनों के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फकीरों की डूंगरी गृह निर्माण सहकारी समिति के अध्यक्ष और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को सस्ते प्लॉट का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करता था और फर्जी पट्टे जारी कर फरार हो जाता था।
पुलिस उपायुक्त के निर्देशन में विशेष टीम का गठन
पुलिस उपायुक्त जयपुर (पश्चिम) प्रशान्त किरण (IPS) ने बताया कि शहर में जमीनी विवाद और धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ा गया है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश गुप्ता और सहायक पुलिस आयुक्त (बगरू) हेमेन्द्र शर्मा के सुपरविजन में थानाधिकारी विनोद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी।
घटना का विवरण: एक ही प्लॉट, कई पट्टे
मामले का खुलासा तब हुआ जब परिवादी भरत सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने ‘रिद्धि-सिद्धि एन्क्लेव’ योजना में प्लॉट नंबर 42 को संजय शर्मा नामक व्यक्ति के माध्यम से ₹16.56 लाख में खरीदा था। रजिस्ट्री और सरकारी दस्तावेज निष्पादित होने के बाद भी आरोपियों ने मिलीभगत कर उसी प्लॉट का एक फर्जी पट्टा पिछली तारीखों (Backdate) में किसी अन्य महिला के नाम जारी कर दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक ही प्लॉट के कई फर्जी दस्तावेज तैयार कर आम जनता से लाखों की ठगी की है। इस पर थाना बिन्दायका में बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
प्रोडक्शन वारंट पर हुई गिरफ्तारी
गठित टीम ने जयपुर शहर और ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर दबिश दी। आरोपी पहले से ही जयपुर ग्रामीण के मोखमपुरा थाने में इसी तरह के फर्जीवाड़े के आरोप में गिरफ्तार होकर सांभर उप-कारागृह में बंद थे। बिन्दायका पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को जमानत पर छूटने से पहले ही प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने आरोपियों को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
- विशम्भर दयाल शर्मा (69 वर्ष): फकीरों की डूंगरी गृह निर्माण सहकारी समिति का अध्यक्ष।
- अरुण शर्मा (43 वर्ष): सहयोगी।
दर्जनों थानों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों के खिलाफ जयपुर शहर के विभिन्न थानों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों जैसे मोखमपुरा, मोजमाबाद आदि में भी धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
कार्यवाही करने वाली पुलिस टीम:
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- विनोद कुमार (थानाधिकारी, बिन्दायका)
- गोवर्धन सिंह (उप निरीक्षक)
- राजेश कुमार (हेड कांस्टेबल)
- राम (कांस्टेबल)
सावधान: जयपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी गृह निर्माण सहकारी समिति या योजना में निवेश करने से पहले दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें और संदिग्ध लगने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।