जयपुर: नवीन आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी का दूसरा दिन— आमजन को त्वरित न्याय और पारदर्शिता का अनुभव

जयपुर: नवीन आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी का दूसरा दिन— आमजन को त्वरित न्याय और पारदर्शिता का अनुभव

गौरव कोचर •
सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित ‘नवविधान—न्याय की नई पहचान’ प्रदर्शनी का दूसरा दिन विशेष रूप से आमजन को नवीन आपराधिक कानूनों के तहत त्वरित न्याय दिलाने और पुलिस प्रकरणों में राहत देने पर केंद्रित रहा।

इस अवसर पर अतिरिक्त महानिदेशक, पुलिस एवं राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक श्री एस. सेंगाथिर ने कहा कि नए कानूनों में पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिनमें ‘जीरो एफआईआर’, सामुदायिक सेवा और भगोड़े अपराधियों के ट्रायल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये कानून आमजन को जागरूक करने और पुलिस प्रणाली व न्याय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद कर रहे हैं।

इंटरेक्टिव एक्सपोज़र विजिट में मीडिया और विशेषज्ञों की भागीदारी

प्रदर्शनी के इंटरेक्टिव सेशन में पुलिस महानिरीक्षक, विजिलेंस श्री प्रफुल्ल कुमार और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। इसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मीडिया संस्थानों के वरिष्ठ संवाददाता, फोटोग्राफर और वीडियो जर्नलिस्ट शामिल हुए।

आईजी श्री अजय पाल लांबा, डीआईजी श्री विकास शर्मा, श्री आनंद शर्मा, श्री अमित शर्मा और सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। एक्सपोज़र विजिट का उद्देश्य आमजन और मीडिया को नए कानूनों के कार्यान्वयन और प्रभावशीलता से प्रत्यक्ष परिचित कराना था।

दस लाइव मॉडल्स के माध्यम से कानून की जानकारी

प्रदर्शनी में तीन प्रमुख चरणों में 10 लाइव मॉडल प्रस्तुत किए गए:

  1. शिकायत और जांच प्रक्रिया: कंट्रोल रूम, सीन ऑफ क्राइम और पुलिस स्टेशन की कार्य प्रणाली का सजीव प्रदर्शन।
  2. वैज्ञानिक और कानूनी सत्यापन: हॉस्पिटल में चिकित्सा जांच, पोस्टमार्टम और फोरेंसिक प्रक्रिया की जानकारी। डिजिटल और समयबद्ध रिकॉर्डिंग अनिवार्य।
  3. न्याय और सुधार: डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में ट्रायल की प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, जेल सुधार और कैदियों का पुनर्वास।

इन चरणों में नए कानूनों के प्रमुख प्रावधान जैसे ई-एफआईआर, सामुदायिक सेवा और भगोड़े अपराधियों के ट्रायल आमजन को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाए गए।

डीआईपीआर की सक्रिय भागीदारी

प्रदर्शनी में डीआईपीआर (सूचना एवं जनसंपर्क विभाग) की टीम ने भी हिस्सा लिया। वरिष्ठ अधिकारी डॉ. कमलेश शर्मा, सुश्री नर्बदा इंदौरिया, श्री मनमोहन हर्ष और श्री अजय कुमार सहित टीम ने नवीन कानूनों के प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता के विभिन्न आयामों पर चर्चा की।

सहायक निदेशक श्री दयाशंकर शर्मा, श्रीमती कविता जोशी, श्रीमती प्रियंका अग्रवाल और श्री आशीष जैन सहित अन्य इंटर्न्स ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

आमजन और विशेषज्ञों का उत्साह

प्रदर्शनी के दूसरे दिन बड़ी संख्या में कॉलेज और लॉ स्टूडेंट्स, कानूनविद्, फोरेंसिक विशेषज्ञ, पुलिस अधिकारी और विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सभी ने कानूनों की जानकारी प्राप्त करने के साथ ही पुलिस प्रक्रियाओं और न्यायिक प्रणाली की समझ विकसित की।

नवीन आपराधिक कानूनों पर यह प्रदर्शनी आमजन को न्याय और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण शिक्षण और जागरूकता प्रदान करने में सफल रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

Block title
Related

अजमेर: नकाबपोश बदमाशों ने पेट्रोल बम से कबाड़ी गोदाम फूँका, 20 लाख का नुकसान; CCTV में कैद हुई करतूत

अजमेर (हरिप्रसाद शर्मा)। राजस्थान के अजमेर जिले में बदमाशों...

पेपर लीक पर सख्त कानून बनाए सरकार, युवाओं का भविष्य दांव पर: राजेंद्र सेन

योगेश शर्मा  ​जयपुर। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक...