गौरव कोचर
जयपुर, 4 जून। आमजन की समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण को लेकर प्रशासनिक सक्रियता तेज हो गई है। इसी कड़ी में जयपुर नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक लेकर निगम से जुड़े विभागीय प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की और स्वयं परिवादियों से फोन पर बात कर फीडबैक लिया।
आयुक्त ने संपर्क पोर्टल पर दर्ज मामलों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि आमजन को अपनी बुनियादी जरूरतों और शिकायतों के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए सभी स्तरों पर नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच के कारण जनता की समस्याओं के समाधान में यह संपर्क हेल्पलाइन एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
आयुक्त ने फोन पर सुनीं शिकायतें, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के आदेश
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने हेल्पलाइन के माध्यम से सीधे परिवादियों से संपर्क साधा और उनकी समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता के साथ सुना। बातचीत के दौरान नागरिकों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं से अवगत कराया:
- टूटी सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य।
- जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र में नामों की गड़बड़ियां।
- पट्टे जारी करने में आ रही देरी।
- शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें।
आयुक्त ने इन शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए कंट्रोल रूम से ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर शीघ्र और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
जयपुर नगर निगम का प्रदर्शन: 95.78% शिकायतों का हुआ निपटारा
कंट्रोल रूम के आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से सामने आया है कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर जयपुर नगर निगम से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की स्थिति काफी मजबूत है:
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विवरण |
आंकड़े |
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कुल दर्ज प्रकरण |
91,753 |
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निस्तारित प्रकरण |
87,884 |
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निस्तारण का प्रतिशत |
95.78% |
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औसत निस्तारण समय |
18 दिवस |
क्या है इस विशेष अभियान का उद्देश्य?
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद आमजन की शिकायतों को समयबद्ध तरीके से हल करने के लिए एक विशेष व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत सभी विभागों के सचिव और उच्चाधिकारी निर्धारित तिथियों पर स्वयं राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित रहते हैं। अधिकारी सीधे परिवादियों से संवाद कर फीडबैक लेते हैं, ताकि धरातल पर कार्यों की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। इस हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे, घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कराकर उसका त्वरित समाधान पा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान नगर निगम और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।