जयपुर दक्षिण पुलिस की बड़ी कार्रवाई — ई-सिगरेट सर्च अभियान में अवैध कारोबार का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार
गौरव कोचर •
जयपुर, 04, नवंबर 2025 — जयपुर (दक्षिण) पुलिस ने ई-सिगरेट और ई-सिगरेट फ्लेवर के अवैध भंडारण व विक्रय के खिलाफ चलाए जा रहे “ई-सिगरेट सर्च अभियान” में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस आयुक्त जयपुर के निर्देशन में हुई कार्रवाई में महेश नगर थाना और जिला विशेष टीम (DST) जयपुर दक्षिण की संयुक्त टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर ई-सिगरेट की बड़ी खेप जब्त की है।
अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त सोडाला के सुपरविजन में पुलिस थाना महेश नगर एवं डीएसटी जयपुर दक्षिण की संयुक्त टीम गठित की गई थी। सूचना के आधार पर 01.11.2025 को डी-21 महेश नगर स्थित SHEESHA HOOKAH SHOP पर दबिश दी गई, जहाँ दुकान से अवैध रूप से ई-सिगरेट और फ्लेवर बेचते हुए एक व्यक्ति को पकड़ा गया।
पुलिस ने मौके से 27 नग ई-सिगरेट और 04 नग ई-सिगरेट फ्लेवर की शीशियाँ बरामद कीं। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान गिरीश कुमार पुत्र सज्जन सिंह, उम्र 29 वर्ष, निवासी गांव भौसिंगा, थाना नदबई, जिला भरतपुर (हाल किरायेदार प्लॉट नंबर 47, गणेश कॉलोनी, 80 फीट रोड, थाना महेश नगर, जयपुर दक्षिण) के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ प्रकरण संख्या 579/2025 अंतर्गत धारा 4/7, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का निषेध (उत्पादन, निर्माण, आयात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन) अध्यादेश 2019 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले में ई-सिगरेट की सप्लाई चेन और अन्य संभावित विक्रेताओं की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई जयपुर दक्षिण में चल रहे अवैध ई-सिगरेट कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
संयुक्त कार्रवाई करने वाली टीमें:
जिला विशेष टीम जयपुर दक्षिण – धर्मेन्द्र कुमार उ.नि., विजय राठी एचसी 2170, संदीप कानि 8317, राजेश कानि 9660, राजवीर कानि 10220, दामोदर कानि 10868, अनुज कानि 12831
पुलिस थाना महेश नगर – मुकेश कुमार उ.नि., भगवान सहाय स.उ.नि., ग्यारसीलाल कानि 9784, राजेन्द्र कानि 9003, जितेन्द्र कानि 12020
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें ई-सिगरेट या संबंधित उत्पादों की अवैध बिक्री या भंडारण की कोई जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। प्रशासन ने कहा है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से ई-सिगरेट पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।