जयपुर: थाईलैंड से आए ‘चिप्स के पैकेट’ में मिला 1 करोड़ का विदेशी गांजा, CNB की बड़ी कार्रवाई
(हरिप्रसाद शर्मा) जयपुर। राजस्थान की राजधानी में नशे के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CNB) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। जयपुर स्थित फॉरेन पोस्टल ऑफिस (FPO) में थाईलैंड से आए एक पार्सल की जांच के दौरान करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य का 650 ग्राम अवैध हाइड्रोपोनिक वीड (विदेशी गांजा) बरामद किया गया है।
खाने के सामान के नीचे छिपाया था नशा
कोटा के उप नारकोटिक्स आयुक्त नरेश बुंदेल ने बताया कि जयपुर सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि विदेश से आए एक पार्सल में मादक पदार्थ छिपाकर लाया जा रहा है। जब टीम ने पार्सल खोला, तो उसमें ऊपर खाने-पीने का सामान और चिप्स के पैकेट रखे थे। सघन तलाशी लेने पर पैकेटों के नीचे छिपाकर रखे गए हाइड्रोपोनिक वीड के तीन अलग-अलग विदेशी ब्रांड के पैकेट बरामद हुए:
- सुपरबुक (कैलिफोर्निया, यूएस): 320 ग्राम
- द किलर क्वीन (ब्रिटिश कोलंबिया): 110 ग्राम
- द आइसक्रीम केक (वेस्ट कोस्ट, यूएस): 220 ग्राम
युवती के जरिए अजमेर-पुष्कर तक फैला नेटवर्क
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस महंगे नशे के पार्सल को जयपुर की एक युवती ने मंगवाया था। अधिकारियों के अनुसार, युवती के तार अजमेर और पुष्कर के संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग द्वारा युवती को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है ताकि राजस्थान में सक्रिय इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के पूरे नेटवर्क और इसके मुख्य सरगनाओं का पर्दाफाश किया जा सके।
क्या है हाइड्रोपोनिक वीड और क्यों है इतना महंगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, हाइड्रोपोनिक वीड मिट्टी के बजाय केवल पोषक तत्वों वाले पानी में उगाया जाता है।
- उच्च नशा: इसमें नशीला तत्व सामान्य गांजे की तुलना में कई गुना अधिक होता है।
- रेव पार्टियों में मांग: इसकी अत्यधिक कीमत और असर के कारण इसका उपयोग बड़े शहरों की हाई-प्रोफाइल रेव पार्टियों में किया जाता है।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
सीएनबी जयपुर सेल की टीम ने बरामद माल को NDPS अधिनियम 1985 के तहत जब्त कर लिया है। विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या इससे पहले भी इस तरह के पार्सल जयपुर मंगवाए गए हैं। आगामी दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

