नरेश गुनानी
जयपुर, 27 मई। उपभोक्ताओं को त्वरित, पारदर्शी और सुगमता से सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से जयपुर डिस्कॉम द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बुधवार को जयपुर स्थित विद्युत भवन में डिस्कॉम के अधिशासी अभियंताओं (ओ एंड एम) के लिए ‘टर्म्स एंड कंडीशन ऑफ सप्लाई’ (टीसीओएस) पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण सत्र का मुख्य उद्देश्य फील्ड में तैनात अभियंताओं को नए नियमों और तकनीकी गाइडलाइंस से अवगत कराना है, ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर ही प्रभावी निस्तारण किया जा सके।
इन मुख्य विषयों और नई गाइडलाइंस पर दिया गया प्रशिक्षण:
- फिक्स चार्जेज पर नए कनेक्शन: अभियंताओं को 150 किलोवॉट तक के विद्युत भार वाले नए बिजली कनेक्शनों को फिक्स चार्जेज के आधार पर जारी करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया गया।
- 33 केवी कनेक्शनों का स्व प्रमाणीकरण: 33 केवी तक के विद्युत कनेक्शनों के स्व प्रमाणीकरण (Self-Certification) के लिए जारी की गई नई गाइडलाइन की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया गया।
- इंफ्रास्ट्रक्चर और विद्युतीकरण: औद्योगिक क्षेत्रों, नई टाउनशिप और मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स के विद्युतीकरण को लेकर नए नियमों पर विस्तृत चर्चा हुई।
- शिकायत निवारण और अन्य सेवाएं: सत्र के दौरान ड्यूअल सोर्स ऑफ सप्लाई कनेक्शन जारी करने, निगम स्तरीय उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच (CGRF) की कार्यप्रणाली और अपीलीय प्राधिकरण से जुड़े प्रावधानों का प्रशिक्षण भी दिया गया।
वरिष्ठ विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अभियंता (मुख्यालय) वाई. के. ऐरन, अधीक्षण अभियंता (कमर्शियल) पी. सी. सिंघल तथा सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता पी. के. गुप्ता ने मुख्य वक्ता और प्रशिक्षक के रूप में हिस्सा लिया। इन विशेषज्ञ अधिकारियों ने फील्ड में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने के व्यावहारिक टिप्स साझा किए और अभियंताओं के तकनीकी संशयों का निवारण किया।
अपेक्षित प्रभाव: इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के बाद डिस्कॉम के अभियंताओं को फील्ड में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने में बड़ी मदद मिलेगी। नए नियमों की स्पष्ट समझ से उपभोक्ताओं को बिना किसी देरी के पारदर्शी और सुगम सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे बिजली कनेक्शन और शिकायत निवारण की प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी।