जयपुर: झोटवाड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पांच राज्यों में आतंक मचाने वाली अंतर्राज्यीय ‘SS जीजा साला’ एटीएम ठग गैंग का खुलासा, दो कुख्यात महाठग गिरफ्तार

जयपुर/ गौरव कोचर/जयपुर शहर में एटीएम बदलकर ठगी, साइबर फ्रॉड और लूटपाट की बढ़ती वारदातों पर लगाम लगाते हुए झोटवाड़ा थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पांच राज्यों में आतंक मचाने वाली अंतर्राज्यीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो कुख्यात महाठगों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग वर्ष 2019 से लगातार सक्रिय थी और पुलिस की पकड़ से दूर चल रही थी।

​900 सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी मदद से मिली सफलता

​पुलिस उपायुक्त जयपुर शहर (पश्चिम) प्रशांत किरण आईपीएस ने बताया कि एटीएम ठगी के मामलों की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम राजेश गुप्ता के निर्देशन व सहायक पुलिस आयुक्त झोटवाड़ा शिव कुमार भारद्वाज के सुपरविजन में झोटवाड़ा थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह शेखावत (पुलिस निरीक्षक) और रायसल सिंह शेखावत (पुलिस निरीक्षक) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था।

​इस टीम ने परिवादी मदन सिंह मीणा द्वारा दर्ज करवाए गए प्रकरण संख्या 437/2026 धारा 303(2), 318 (4) BNS 2023 की जांच शुरू की। परिवादी के अनुसार, 8 जून 2026 को बेनाड रोड पर दादी का फाटक अंडरपास के सामने बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से पैसे निकालते समय दो अज्ञात बदमाशों ने बातों में उलझाकर उनका एक्सिस बैंक का एटीएम कार्ड बदल लिया और खाते से पैसे निकाल लिए।

​जांच के दौरान गठित टीम ने घटनास्थल और पूरे रूट पर लगे करीब 900 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। हेड कांस्टेबल बलराम और मालीराम ने अथक प्रयास करते हुए करीब 250 किलोमीटर तक मोटरसाइकिल से पीछा कर आरोपियों की पहचान की और 15 जुलाई 2026 को घेराबंदी कर दोनों को दस्तयाब कर लिया।

​’SS जीजा साला हांसी हिसार’ गैंग का तरीका-ए-वारदात

​गैंग के सरगना सचिन ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उसने अपने जीजा सुरेन्द्र कुमार के साथ मिलकर ‘SS जीजा साला हांसी हिसार’ नाम से गैंग बना रखी थी। वे जब भी निकलते थे, तो तय करते थे कि एक शहर में कम से कम 4-5 वारदातों को अंजाम देना है।

  • गुमराह कर पिन देखना: यह गैंग एटीएम बूथ के पास खड़ी होकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और असहाय लोगों को निशाना बनाती थी। मदद करने के बहाने वे बूथ के अंदर जाते और बातों में उलझाकर पीछे से उनका पिन नंबर देख लेते थे।
  • तकनीकी छेड़छाड़: एटीएम स्क्रीन पर नीचे दाईं तरफ दिए गए ‘कार्ड लेस’ बटन को दबा देते थे, जिससे मशीन वापस प्रोसेसिंग में आ जाती थी। उपभोक्ता के असमंजस में पड़ते ही वे पलक झपकते ही एटीएम कार्ड बदल देते थे।
  • जबरदस्ती और लूट: जो लोग सतर्क होते थे, उनके साथ ये बदमाश जोर-जबरदस्ती करके कार्ड छीन लेते और मोटरसाइकिल से फरार हो जाते थे।
  • पहचान छुपाना और लग्जरी लाइफ: पुलिस से बचने के लिए ये मुख्य रास्तों को छोड़कर गलियों से भागते थे। इसके बाद अपनी बाइक को सिंधी कैंप बस स्टैंड की पार्किंग में खड़ी कर लग्जरी बसों से अपने गांव चले जाते थे। वारदात से मिले पैसों से ये बड़े शहरों में ऐशो-आराम के शौक पूरे करते थे।

​पांच राज्यों में 60 से अधिक वारदातें स्वीकार

​पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान (जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनू, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़) के साथ-साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में करीब पांच दर्जन (60) से अधिक वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से विभिन्न बैंकों के एक दर्जन एटीएम/डेबिट कार्ड, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और नकदी बरामद की है।

​गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

  1. सचिन कुमार उर्फ आच्चू पुत्र धर्मपाल सांसी (उम्र 27 वर्ष), निवासी: गांव बडसी, थाना: बुहानी खेड़ा, जिला: भिवानी, हरियाणा (गैंग सरगना)।
  2. सुरेन्द्र सांसी पुत्र गज्जे सिंह (उम्र 42 वर्ष), निवासी: धानकों का मोहल्ला, गांव थुराना, थाना: नौररुन्द, जिला: हांसी, हरियाणा।

​पुलिस टीम जिसने निभाई अहम भूमिका

​इस पूरी कार्रवाई में हेड कांस्टेबल बलराम और मालीराम की विशेष व अहम भूमिका रही। टीम के अन्य सदस्यों में शामिल हैं:

​राजेन्द्र सिंह शेखावत पु. नि. (थानाधिकारी झोटवाड़ा), रामसिंह सउनि, बलराम हैड कानि, मालीराम हैड कानि, दिनेश कुमार हैड कानि (तकनीकी शाखा), सुनील कुमार कानि, गजानन्द कानि, सुरेश चन्द कानि, राजेन्द्र कानि, नरेन्द्र सिंह कानि।

​एटीएम बूथ पर सुरक्षित लेनदेन के लिए पुलिस की गाइडलाइन

​झोटवाड़ा पुलिस ने आमजन को सुरक्षित रहने के लिए निम्नलिखित निर्देश और सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

  • पिन सुरक्षित रखें: एटीएम पिन दर्ज करते समय कीपैड को दूसरे हाथ या शरीर से पूरी तरह ढक लें। पिन कहीं लिखकर न रखें।
  • अजनबियों से दूरी: किसी अनजान व्यक्ति को मशीन संचालन में मदद न करने दें और न ही किसी के झांसे में आकर अपना कार्ड बदलें।
  • मशीन की जांच करें: यदि कार्ड रीडर या कीपैड पर कोई अतिरिक्त उपकरण, हिडन कैमरा या छेड़छाड़ दिखे, तो उस मशीन का उपयोग न करें।
  • वेलकम स्क्रीन का इंतजार: बूथ से बाहर निकलने से पहले सुनिश्चित करें कि स्क्रीन पर ‘वेलकम’ या ‘स्वागत’ लिखा आ गया है और आपका खाता लॉग-आउट हो चुका है।
  • संदिग्धों की सूचना दें: यदि बूथ में पहले से कोई संदिग्ध व्यक्ति खड़ा है, तो उसके बाहर निकलने का इंतजार करें। न निकलने पर गार्ड या स्थानीय पुलिस को बताएं।
  • ठगी होने पर तुरंत यह करें: यदि एटीएम बदलने की ठगी हो जाए, तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें, संबंधित बैंक को सूचित कर तुरंत अपना एटीएम कार्ड और खाता ब्लॉक करवाएं।

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