जयपुर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 के अंतर्गत मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन

जयपुर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 के अंतर्गत मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन

42.87 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल
16 दिसंबर से 15 जनवरी तक दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित
14 फरवरी 2026 को होगा मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन

| नरेश गुनानी

जयपुर, 16 दिसंबर।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य में 27 अक्टूबर 2025 को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत जयपुर जिले में मतदाता सूचियों को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से 4 नवंबर 2025 से 11 दिसंबर 2025 तक गणना चरण संचालित किया गया। इस दौरान सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रहण किया गया।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की बैठक आयोजित की गई। बैठक भारत निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की उपस्थिति में संपन्न हुई, जिसमें भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, सी.पी.आई.(एम.) एवं आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में प्रारूप मतदाता सूची पर दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने तथा नव मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 एवं घोषणा पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। घोषणा पत्र के माध्यम से आवेदक की स्वयं अथवा उनके माता-पिता के नाम की पूर्व गहन पुनरीक्षण से मैपिंग की जाती है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी मेघराज मीणा ने बताया कि गहन पुनरीक्षण कार्य प्रारंभ होने से पूर्व जयपुर जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 48 लाख 23 हजार 379 थी, जिन सभी को गणना प्रपत्र वितरित किए गए। गणना चरण के दौरान 42 लाख 87 हजार 103 मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र भरकर जमा कराए। इन सभी मतदाताओं के नाम 16 दिसंबर 2025 को जारी प्रारूप मतदाता सूची में सम्मिलित कर लिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि गणना चरण के दौरान 4 नवंबर से 11 दिसंबर 2025 तक जिले के प्रत्येक मतदान केंद्र पर संबंधित बीएलओ द्वारा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट के साथ बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में अप्राप्त गणना प्रपत्रों की सूची कारण सहित बूथ लेवल एजेंट को उपलब्ध कराई गई, ताकि वे प्रकरणों का अवलोकन कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कर सकें। इन बैठकों की कार्यवाही विवरण एवं अप्राप्त प्रपत्रों की सूची जिले की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि गणना चरण के दौरान कुल 5 लाख 36 हजार 276 मतदाताओं के गणना प्रपत्र अप्राप्त रहे। इनमें 74 हजार 38 मृत, 3 लाख 39 हजार 490 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 33 हजार 733 अनुपस्थित, 84 हजार 888 मतदाता सूची में एकाधिक स्थान पर पंजीकृत तथा 4 हजार 127 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान की वेबसाइट एवं जिले की वेबसाइट पर उपलब्ध है। साथ ही संबंधित मतदान केंद्र, ग्राम पंचायत मुख्यालय एवं नगरीय निकाय कार्यालयों में भी चस्पा की गई है, ताकि आमजन अवलोकन कर सकें।

उन्होंने बताया कि गणना चरण के दौरान एवं उसके पश्चात 28 हजार 578 फॉर्म-6 ऑनलाइन तथा 12 हजार 829 फॉर्म-6 ऑफलाइन बीएलओ के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात इन आवेदनों के आधार पर संबंधित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। फॉर्म-6 प्राप्त करने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। आमजन वोटर हेल्पलाइन एप अथवा वोटर सर्विस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या संबंधित बीएलओ को फॉर्म-6 एवं घोषणा पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वे सभी व्यक्ति, जो 1 अप्रैल 2026, 1 जुलाई 2026 अथवा 1 अगस्त 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं, वे भी अग्रिम रूप से फॉर्म-6 एवं निर्धारित घोषणा पत्र भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने हेतु आवेदन कर सकते हैं।

मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में 1,200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों का पुनर्गठन भी किया गया है। पूर्व में जिले में 4,302 मतदान केंद्र कार्यरत थे। पुनर्गठन के उपरांत 746 नवीन मतदान केंद्र सृजित किए गए हैं और अब जिले में कुल 5,048 मतदान केंद्र हो गए हैं। इस प्रक्रिया के बाद जिले में 1,200 से अधिक मतदाताओं वाला कोई भी मतदान केंद्र शेष नहीं रहा है।

निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इस अवधि में प्रारूप मतदाता सूची में सम्मिलित मतदाताओं अथवा अन्य किसी विषय पर भी दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकती हैं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा प्राप्त आवेदनों की सूचियां फॉर्म-9, 10, 11, 11-ए एवं 11बी में तैयार कर प्रत्येक कार्य दिवस को कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएंगी तथा प्रति सप्ताह मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ साझा की जाएंगी।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय के विरुद्ध 15 दिवस के भीतर प्रथम अपील जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष की जा सकती है। प्रथम अपील से असंतुष्ट होने की स्थिति में 30 दिवस के भीतर द्वितीय अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जा सकेगी। आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 14 फरवरी 2026 को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

 

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