जयपुर जिला प्रशासन की बैठक में बन्धक श्रमिक सर्वेक्षण, मुक्ति व पुनर्वास कार्यों में प्रगति लाने पर जोर
रिपोर्ट महेश गुप्ता। संपादन सुनील शर्मा। टेलीग्राफ टाइम्स
25 अगस्त 2025, जयपुर – जयपुर जिला स्तर की बन्धक श्रमिक सतर्कता समिति की बैठक अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर (दक्षिण) संतोष कुमार मीणा की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में बन्धक श्रमिकों के सर्वेक्षण, मुक्ति और पुनर्वास कार्यों में प्रगति लाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने सभी संबंधित विभागों से कहा कि बन्धक श्रमिकों की मुक्ति और पुनर्वास के कार्य में आपसी समन्वय सुनिश्चित करते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मुक्त किए गए बाल श्रमिकों के नियोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए और अपराध प्रमाणित होने पर दोषियों के खिलाफ उचित दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
बाल श्रम के रोकथाम हेतु अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने संभावित फैक्ट्रियों और ईंट भट्टों के मालिकों के साथ समझाइश और जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। शिक्षा विभाग को विशेष रूप से प्रार्थना सभा और बाल सभाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल श्रम के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त, जयपुर ने जानकारी दी कि पुलिस विभाग, चाइल्ड लाइन, स्वयंसेवी संस्थाओं और श्रम विभाग के समन्वित प्रयास से वर्ष 2024 में कुल 240 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। वहीं जनवरी 2025 से जुलाई 2025 तक 131 बाल श्रमिकों को मुक्त करवाया गया।
संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त ने यह भी बताया कि न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत जनवरी से जुलाई 2025 तक 28 दावे और वेतन भुगतान अधिनियम के तहत 11 दावे प्राप्त हुए हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि बाल श्रमिक मामलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद न्यायालय में जब बाल श्रमिक को पेश किया जाता है, तो अधिकांश मामलों में वह पक्ष द्रोही घोषित हो जाता है, जिससे अभियुक्त को सजा नहीं मिल पाती। इस स्थिति को सुधारने के लिए पुलिस विभाग को सुझाव दिया गया कि स्वतंत्र साक्षियों के बयान उपखण्ड अधिकारी के समक्ष धारा-164 के तहत दर्ज करवाए जाएं, ताकि अभियुक्त को सजा दिलाने में बाधा न आए।
बैठक में श्रम विभाग, पुलिस विभाग, शिक्षा, चिकित्सा, रेलवे, बाल अधिकारिता और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा बन्धक श्रमिकों के संरक्षण, मुक्ति और पुनर्वास कार्यों में और तेजी लाने पर चर्चा की गई।