लोकेंद्र सिंह शेखावत
जयपुर, 9 अप्रेल 2026। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार प्रदेश की जनकल्याणकारी श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जयपुर जिला प्रशासन ने गुरुवार को बड़ा अभियान चलाया। जिला कलक्टर संदेश नायक के नेतृत्व में जिले भर की 83 रसोइयों का एक साथ औचक निरीक्षण किया गया।
कलक्टर ने परखी भोजन की गुणवत्ता
जिला कलक्टर संदेश नायक ने राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर स्थित रसोई संख्या 1210 का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं भोजन की गुणवत्ता चखी और शुद्ध पेयजल, स्वच्छता तथा लाभार्थियों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। कलक्टर ने स्पष्ट किया कि योजना का उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि सम्मानजनक और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है।
27 बिंदुओं पर हुई सख्त जांच
प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी जांच को 27 प्रमुख मानकों पर केंद्रित रखा, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- भोजन का विवरण: चपातियों की संख्या, वजन (250 ग्राम मानक), और भोजन का गर्म परोसा जाना।
- स्वच्छता व ड्रेस कोड: रसोई स्टाफ द्वारा टोपी, ग्लव्स, एप्रन और ड्रेस पहनना।
- बैठने की व्यवस्था: लाभार्थियों के लिए बेंच, डाइनिंग एरिया और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता।
- तकनीकी निगरानी: ऑपरेटर द्वारा लाभार्थियों की सही प्रविष्टि, वार्मर की कार्यक्षमता और सीसीटीवी/फ्लेक्स प्रदर्शन।
- रखरखाव: बर्तनों की सफाई, भवन की मरम्मत और सौंदर्यीकरण।
इन प्रमुख स्थानों पर अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
निरीक्षण अभियान के तहत जयपुर के लगभग हर प्रमुख क्षेत्र को कवर किया गया:
- अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) विनिता सिंह: कलेक्ट्रेट परिसर।
- अतिरिक्त जिला कलक्टर (द्वितीय) मेघराज सिंह मीणा: लालकोठी सब्जी मंडी।
- अतिरिक्त जिला कलक्टर (तृतीय) संजय माथुर: बांगड़ रैन बसेरा, एसएमएस अस्पताल।
- अतिरिक्त जिला कलक्टर (चतुर्थ) आशीष कुमार: गांधी नगर मोड, टोंक रोड।
- अतिरिक्त जिला कलक्टर (उत्तर) मुकेश कुमार मूण्ड: भास्कर पुलिया।
- अतिरिक्त जिला कलक्टर (दक्षिण) युगान्तर शर्मा: मानसरोवर।
- अतिरिक्त जिला कलक्टर (पूर्व) नरेन्द्र वर्मा: इंडिया गेट, टोंक रोड।
इसके साथ ही नगर निगम के विभिन्न जोन उपायुक्तों, राजस्व अधिकारियों और रसद अधिकारियों ने सांगानेर, मुहाना मंडी, सीतापुरा, खासा कोठी, जयपुरिया अस्पताल और जेके लोन अस्पताल सहित 83 विभिन्न केंद्रों पर व्यवस्थाएं जांचीं।
सुधार के लिए दिए आवश्यक सुझाव
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लाभार्थियों से भी सीधा संवाद किया और उनसे भोजन के स्वाद व व्यवहार के बारे में फीडबैक लिया। निरीक्षण रजिस्टर में प्रविष्टियां सुनिश्चित की गईं और जहां कहीं भी कमियां पाई गईं, उन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का यह कदम योजना के क्रियान्वयन में जवाबदेही तय करने और आमजन को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
