जयपुर जिला प्रशासन का ‘रास्ता खोलो अभियान’ बना मिसाल:

15 महीनों में 1700 से अधिक अवरुद्ध मार्ग खुले

| नरेश गुनानी

जयपुर। राजस्थान में सुशासन और जनहित की नीति को धरातल पर उतारने के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संकल्प को जयपुर जिला प्रशासन ने ‘रास्ता खोलो अभियान’ के जरिए नई ऊंचाई दी है। जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के कुशल निर्देशन में संचालित इस अभियान ने मात्र 15 महीनों में ग्रामीण अंचलों की तस्वीर बदल दी है। वर्षों से बंद पड़े रास्तों के खुलने से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि लाखों ग्रामीणों और किसानों के जीवन में बड़ी राहत आई है।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

संवाद और समझाइश से सुलझे बरसों पुराने विवाद

​अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी ‘संवाद आधारित रणनीति’ रही है। कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी द्वारा की जा रही सतत मॉनिटरिंग के चलते वर्षों पुराने भूमि विवादों को कोर्ट-कचहरी के बजाय आपसी सहमति और समझाइश से सुलझाया जा रहा है। प्रशासन की इस संवेदनशीलता ने न केवल रास्ते खोले हैं, बल्कि गांवों में सामाजिक सौहार्द को भी सुदृढ़ किया है।

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आंकड़ों की नजर में सफलता: कौन सी तहसील रही अव्वल?

​15 नवंबर 2024 से 21 फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 1,703 रास्ते खुलवाए गए हैं। प्रशासन ने प्रत्येक तहसील में हर सप्ताह न्यूनतम 3 रास्ते खुलवाने का लक्ष्य तय किया है।

प्रमुख तहसीलों का प्रदर्शन:

  • फागी: 148 रास्ते (जिले में प्रथम स्थान)
  • मौजमाबाद: 132 रास्ते
  • आंधी: 119 रास्ते
  • चौमूं: 103 रास्ते
  • शाहपुरा: 100 रास्ते

​इसके अलावा फुलेरा और चाकसू में 91-91, जमवारामगढ़ में 90, आमेर व दूदू में 89-89, रामपुरा डाबड़ी में 85 और माधोराजपुरा में 83 रास्ते खुलवाए गए हैं। जयपुर और कालवाड़ जैसी तहसीलों में भी क्रमशः 5 और 10 अवरुद्ध मार्ग प्रशस्त किए गए।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जीवन पर व्यापक प्रभाव

​अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अभियान के नोडल अधिकारी आशीष कुमार के अनुसार, यह अभियान केवल मार्ग खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित हो रहा है।

    • किसानों को लाभ: अब खेतों तक कृषि मशीनरी और ट्रैक्टर ले जाना आसान हो गया है, जिससे उपज मंडी तक पहुँचाना सुगम हुआ है।
    • आपातकालीन सेवाएं: एम्बुलेंस और दमकल जैसी सेवाएं अब ढाणियों तक बिना किसी बाधा के पहुँच पा रही हैं।
    • शिक्षा: विद्यार्थियों को अब स्कूल या कॉलेज जाने के लिए लंबा चक्कर नहीं काटना पड़ता, जिससे उनके समय और श्रम की बचत हो रही है।

​”यह अभियान प्रशासन और जनता के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा से शुरू हुआ यह कार्य अब जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में राहत और सुशासन का पर्याय बन चुका है।”

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