| नरेश गुनानी
जयपुर, 29 मार्च 2026 जयपुर जिला प्रशासन की एक अनूठी और संवेदनशील पहल ‘रास्ता खोलो अभियान’ ग्रामीण अंचलों में विकास और सुशासन का नया अध्याय लिख रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा और जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की सतत मॉनिटरिंग के चलते मात्र 17 महीनों के भीतर जिले में 1,800 से अधिक वर्षों से अवरुद्ध रास्तों को खुलवाकर लाखों ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई है।

लसाड़िया पंचायत: 30 साल का इंतजार खत्म, 10 किमी की दूरी कम
अभियान की सफलता की सबसे सुखद तस्वीर लसाड़िया पंचायत में देखने को मिली। यहाँ गडूड़ा से चकवाड़ा के बीच का मार्ग पिछले 30 वर्षों से बंद पड़ा था, जिससे ग्रामीणों को 17 किलोमीटर का लंबा और थकाऊ सफर तय करना पड़ता था। प्रशासन की समझाइश से यह मार्ग अब खुल चुका है, जिससे यह दूरी सिमटकर मात्र 7 किलोमीटर रह गई है। मार्ग पर ग्रेवल सड़क बनने से अब किसान अपनी उपज आसानी से मंडियों तक पहुँचा पा रहे हैं, बच्चे बिना थके स्कूल जा रहे हैं और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएँ भी समय पर उपलब्ध हो रही हैं।
संवाद और समझाइश से सुलझे वर्षों पुराने विवाद
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में यह अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई न रहकर जन-संवाद का माध्यम बन गया है। बिना किसी विवाद और आपसी सहमति के आधार पर प्रत्येक तहसील में हर सप्ताह कम से कम 3 रास्ते खुलवाने का लक्ष्य तय किया गया है। अतिरिक्त जिला कलक्टर आशीष कुमार के अनुसार, 15 नवम्बर 2024 से 29 मार्च 2026 तक की अवधि में कुल 1,802 रास्ते खुलवाए जा चुके हैं।
अभियान की सांख्यिकी: फागी तहसील रही सबसे आगे
अभियान के तहत फागी तहसील ने सर्वाधिक 154 रास्ते खुलवाकर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि मौजमाबाद 135 रास्ते खोलकर दूसरे स्थान पर रही है। जिले की अन्य तहसीलों में भी इस अभियान ने गति पकड़ी है।
अभियान के तहत शामिल तहसीलें: फागी, मौजमाबाद, चौमूं, शाहपुरा, चाकसू, फुलेरा, जमवारामगढ़, आमेर, दूदू, रामपुरा डाबड़ी, माधोराजपुरा, बस्सी, जोबनेर, जालसू, कोटखावदा, किशनगढ़, तुंगा, सांगानेर, कालवाड़ एवं जयपुर।
सामाजिक सौहार्द और सुशासन का प्रतीक
रास्ता खोलो अभियान ने न केवल भौतिक बाधाओं को दूर किया है, बल्कि ग्रामीणों के बीच वर्षों से चले आ रहे आपसी मनमुटाव और मुकदमों को समाप्त कर सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया है। खेतों तक मशीनों की पहुँच और सुगम आवागमन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान की है। प्रशासन और जनता के बीच बढ़ता यह विश्वास मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन के संकल्प को धरातल पर चरितार्थ कर रहा है।
