जयपुर, 4 जून 2026। गौरव कोचर
जयपुर ईस्ट पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए शातिर वाहन चोर तौफीक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई एक होंडा एक्टिवा स्कूटी भी बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपी आदतन अपराधी है और अपने नशे की लत को पूरा करने के लिए कॉलोनियों में रेकी कर दुपहिया वाहन चुराया करता था।
घर के बाहर से चोरी हुआ था स्कूटर
पुलिस के अनुसार, परिवादी दीपक ठाकवानी (निवासी जवाहर नगर, जयपुर) ने थाना जवाहर नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 मई 2026 की रात को उन्होंने अपनी ग्रे रंग की होंडा एक्टिवा स्कूटी (नंबर RJ14 ZK 0002) को घर के बाहर लॉक करके खड़ा किया था। अगली सुबह वाहन वहां से गायब मिला। इस शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।
सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान
पुलिस उपायुक्त (DCP) जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल के मार्गदर्शन और सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) आदर्श नगर लक्ष्मी सुथार के सुपरविजन में जवाहर नगर थानाधिकारी सरला यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने मुस्तैदी से काम करते हुए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान तौफीक (उम्र 28 वर्ष, निवासी खानिया बंधा, गोनेर रोड, जयपुर) के रूप में हुई। पुलिस ने दबिश देकर उसे दस्तयाब किया और पूछताछ में उसने वाहन चोरी की वारदात कबूल कर ली। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
तरीका-ए-वारदात: आरोपी तौफीक मुख्य रूप से रिहायशी कॉलोनियों में घूमकर सूने मकानों और घरों के बाहर खड़े दुपहिया वाहनों की रेकी करता था। मौका मिलते ही वह लॉक तोड़कर वाहन चुरा लेता और उन्हें औने-पौने दामों में बेचकर प्राप्त रुपयों से नशा करता था।
आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास
आरोपी तौफीक के खिलाफ पहले भी जयपुर के विभिन्न थानों में चोरी और अन्य गंभीर धाराओं में 5 मामले दर्ज हैं:
- वर्ष 2021: जवाहर सर्किल थाने में चोरी का मामला दर्ज।
- वर्ष 2023: ट्रांसपोर्ट नगर (टीपी नगर) थाने में दो अलग-अलग चोरी के मामले दर्ज।
- वर्ष 2024: जयसिंहपुर खोर और माणकचौक थानों में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज।
- वर्ष 2025: कानोता थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज।
पुलिस टीम जिसने सफलता हासिल की
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी सरला यादव, हैड कांस्टेबल रमेश चंद (568), कांस्टेबल अशोक कुमार (9462) और कांस्टेबल धर्मपाल (12592) शामिल रहे।
इस पूरे मामले के खुलासे और आरोपी को पकड़ने में कांस्टेबल अशोक कुमार (9462) और कांस्टेबल धर्मपाल (12592) की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।