जयपुर: जनगणना 2027 का पहला चरण पूर्ण, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने ली समीक्षा बैठक; फरवरी 2027 में शुरू होगा दूसरा चरण

जयपुर, 03 अगस्त 2026/ नरेश गुनानी/राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को जनगणना कार्य निदेशालय का दौरा कर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ (हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस) का कार्य सफलतापूर्वक पूरा होने की आधिकारिक पुष्टि की। इसके साथ ही निदेशालय ने आगामी फरवरी 2027 से प्रस्तावित जनगणना के दूसरे चरण की प्रशासनिक व लॉजिस्टिक तैयारियां तेज कर दी हैं।

​दूसरे चरण की तैयारियां शुरू, लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं तेज

​मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में निदेशालय के उच्च सांख्यिकीय मानकों और अधिकारियों की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण का काम पूरा होने के बाद अब ध्यान फरवरी 2027 में शुरू होने वाले द्वितीय चरण पर केंद्रित है। इसके लिए संसाधनों का आवंटन, प्रशासनिक दिशा-निर्देश और लॉजिस्टिक ढांचा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

​नीति-निर्माण में सटीक आंकड़ों की भूमिका

​बैठक में राष्ट्रीय नीति-निर्माण में सांख्यिकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वी. श्रीनिवास ने बताया कि राष्ट्रीय डेमोग्राफिक चेंज कमेटी (जिसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र शामिल हैं) के साथ हुई हालिया चर्चाओं में डेटा को नियमित रूप से अद्यतन करने पर सहमति बनी है। आर्थिक सर्वेक्षण, कृषि और जनसंख्या के सटीक आंकड़े पारदर्शी शासन की रीढ़ होते हैं। राजस्थान अपनी मजबूत डेटाबेस प्रणालियों और अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के नियमित प्रकाशनों के कारण देश के प्रगतिशील राज्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

​नए जिलों और तहसीलों के अनुसार डेटा एटलस का अद्यतन

​राजस्थान में हाल के समय में जिलों, तहसीलों और उप-मंडलों की संख्या में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए ‘जिला जनगणना हस्तपुस्तिका’ (District Census Handbook) और ‘प्रशासनिक एटलस’ को जल्द से जल्द अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि ये दस्तावेज ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए सटीक विकास योजनाएं तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

​भू-स्थानिक एवं डिजिटल टूल्स पर कार्यशाला का निर्णय

​आधुनिक तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए बैठक में निर्णय लिया गया कि 17 अगस्त से पूर्व भू-स्थानिक (Geospatial) और डिजिटल टूल्स के उपयोग पर एक व्यापक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इससे सांख्यिकीय अन्वेषकों को आधुनिक तकनीकों से लैस करने में मदद मिलेगी।

​बैठक के समापन पर मुख्य सचिव ने सांख्यिकी संवर्ग के योगदान की सराहना की और निदेशालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

​इस उच्चस्तरीय बैठक में सांख्यिकी विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं सांख्यिकीय अन्वेषक उपस्थित रहे।

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