जयपुर चारदीवारी में ई-रिक्शा प्रतिबंध का व्यापारियों ने किया स्वागत, सुगम यातायात हेतु दिए महत्वपूर्ण सुझाव
जयपुर | 21 दिसंबर 2025
| लोकेंद्र सिंह शेखावत
जयपुर व्यापार महासंघ ने यातायात विभाग द्वारा चारदीवारी क्षेत्र में ई-रिक्शा पर लगाए गए प्रतिबंध के निर्णय की सराहना की है। महासंघ का मानना है कि इस निर्णय से परकोटे के भीतर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में बड़ी मदद मिल रही है।
सुव्यवस्थित संचालन के लिए मांगें
जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल और महामंत्री सुरेश सैनी ने सुचारू यातायात के लिए सरकार और विभाग के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। महासंघ ने सुझाव दिया कि ई-रिक्शा के लिए स्पष्ट रूट और समय सीमा निर्धारित की जाए। साथ ही, एक समय पर एक स्थान पर खड़े होने वाले रिक्शों की न्यूनतम संख्या भी तय होनी चाहिए।
सुरक्षा और पहचान पर जोर
व्यापारिक नेतृत्व ने ई-रिक्शा चालकों के लिए कड़े नियम लागू करने की वकालत की है:
- लेन सिस्टम और ओवरटेक: सड़कों पर लेन सिस्टम कड़ाई से लागू हो और ई-रिक्शा द्वारा ओवरटेक करने पर पूर्ण रोक लगे।
- अनिवार्य हेडलाइट: रात्रि के समय सुरक्षा के मद्देनजर सभी ई-रिक्शा पर हेडलाइट की अनिवार्यता हो।
- नेम प्लेट और हेल्पलाइन: ऑटो की तर्ज पर ई-रिक्शा पर भी ड्राइवर का नाम और मोबाइल नंबर प्रदर्शित हो। साथ ही, महिला सुरक्षा हेतु ‘निर्भया’ और पुलिस हेल्पलाइन नंबर अंकित किए जाएं।
- पिंक सिटी की पहचान: विश्व प्रसिद्ध ‘पिंक सिटी’ की सुंदरता बनाए रखने के लिए परकोटे में केवल पिंक कलर के ई-रिक्शा ही चलाने का सुझाव दिया गया है।
वेंडर पॉलिसी और लोडिंग-अनलोडिंग
महामंत्री सुरेश सैनी ने जयपुर की समग्र ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए क्षेत्रवार ई-रिक्शा संचालन की मांग की। उन्होंने कहा कि शहर से अस्थाई अतिक्रमण हटाकर उन्हें ‘वेंडर पॉलिसी’ के तहत व्यवस्थित किया जाना चाहिए, ताकि किसी का रोजगार न छिने और यातायात भी बाधित न हो।
इसके अतिरिक्त, व्यापारियों ने मांग की है कि माल की आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए लोडिंग-अनलोडिंग वाले लाइट व्हीकल्स को पूर्व की भांति समयानुसार प्रवेश की अनुमति दी जाए।

