| नरेश गुनानी
दो दिनों में 48 हजार फूड हैंडलर्स को मिली ट्रेनिंग; वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में दर्ज हुई उपलब्धि
जयपुर। राजस्थान में शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर मिलावट के विरुद्ध जारी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय ने मात्र दो दिनों में 48 हजार से अधिक खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षित कर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में अपना नाम दर्ज कराया है।
दो दिन, दो बड़े रिकॉर्ड
चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण अभियान ने संख्या और गति दोनों मामलों में नए मानक स्थापित किए हैं:
- कुल प्रशिक्षण: 17 और 18 मार्च 2026 को कुल 48,000+ लोगों को प्रशिक्षित किया गया।
- पहले दिन की उपलब्धि: अभियान के पहले ही दिन 30,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जो अपने आप में एक स्वतंत्र रिकॉर्ड है।
इन क्षेत्रों के लोगों को मिला प्रशिक्षण
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला के अनुसार, इस व्यापक कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर भोजन की स्वच्छता सुधारना था। इसमें निम्नलिखित वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया:
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- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मिड-डे मील कर्मी।
- राजकीय छात्रावासों और जेल रसोइयों का स्टाफ।
- होटल, ढाबा संचालक एवं स्ट्रीट फूड वेंडर्स।
“खाद्य सुरक्षा की दिशा में यह ऐतिहासिक कार्य विभाग की टीम और जिला अधिकारियों के समन्वय से संभव हुआ है। प्रदेश को इसका अस्थायी प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है।”
— गायत्री राठौड़, प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग)
गुणवत्ता और जागरूकता पर जोर
अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण से प्रशिक्षित फूड हैंडलर्स अब उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध करा सकेंगे। संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा ने इस कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी जिलों में किए गए प्रभावी समन्वय की सराहना की।
यह उपलब्धि न केवल राजस्थान के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह भविष्य में ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ जैसे अभियानों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।
