गौरव कोचर
जयपुर। जयपुर के वीआईपी और प्रशासनिक क्षेत्रों में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा लोक शांति भंग होने के अंदेशे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कार्यपालक मजिस्ट्रेट एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) ललित किशोर शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती IPC की धारा 144) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
यह आदेश 16 जून 2026 को सुबह 10:00 बजे से लागू हो चुका है और 14 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि तक (या इससे पूर्व निरस्त होने तक) प्रभावी रहेगा।
इन क्षेत्रों में लागू रहेंगे प्रतिबंध
यह आदेश सड़क और फुटपाथों को सम्मिलित करते हुए निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों में पूरी तरह प्रभावी रहेगा:
- स्टैच्यू सर्किल से राजस्थान विधानसभा तक का जनपथ और विधानसभा भवन के चारों तरफ का क्षेत्र।
- राजस्थान सचिवालय परिसर के चारों ओर का क्षेत्र (पीछे की तरफ अशोकनगर थाना से तिलक मार्ग होते हुए वानिकी पथ और सहदेव मार्ग तक)।
- सिविल लाइंस क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग से राजभवन सर्किल तक।
- राजभवन सर्किल से राममंदिर सर्किल होते हुए हवा सड़क रामनगर चौराहे तक।
- राजभवन सर्किल से अजमेर रोड टी-पॉइंट होते हुए नाटाणियों का चौराहा और अजमेर रोड सिविल लाइंस रेलवे क्रॉसिंग पानी की टंकी तक का क्षेत्र।
प्रमुख प्रतिबंध और नियम
आदेश के अनुसार, चिन्हित क्षेत्रों में निम्नलिखित गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी:
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- समूहों पर रोक: पांच या पांच से अधिक व्यक्ति एक समूह के रूप में एकत्रित नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में कोई भी प्रदर्शन, जुलूस, रैली, आमसभा, धरना, पिकेटिंग या मार्ग अवरुद्ध करने जैसी कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।
- नारेबाजी और लाउडस्पीकर पर पाबंदी: कोई भी व्यक्ति इन क्षेत्रों में उत्तेजनात्मक नारे नहीं लगा सकेगा और न ही ध्वनि प्रसारण यंत्रों (लाउडस्पीकर आदि) का प्रयोग कर पाएगा।
- हथियारों के परिवहन पर रोक: किसी भी व्यक्ति को इन क्षेत्रों में आग्नेय शस्त्र, धारदार या घातक हथियार, लाठी, पत्थर, ईंट, डंडा, हॉकी आदि लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी।
- अवांछित तत्वों को आश्रय नहीं: कोई भी व्यक्ति इन क्षेत्रों में अवांछित व्यक्तियों, अजनबियों और उपद्रवियों (न्यूसेंस कर्ताओं) को आश्रय नहीं देगा।
विशेष छूट: यह प्रतिबंधात्मक आदेश राजकीय कर्तव्यों में नियोजित सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें अपनी ड्यूटी के दौरान शस्त्र रखना अनिवार्य है।
राज्यपाल को ज्ञापन देने की प्रक्रिया
यदि किसी जुलूस या प्रदर्शन में भाग ले रहे लोग राज्यपाल को ज्ञापन देना चाहते हैं, तो राज्यपाल की अनुमति या स्वीकृति के पश्चात अधिक से अधिक चार व्यक्तियों का शिष्टमंडल (डेलीगेशन) इन सभी प्रतिबंधों की पालना करते हुए ज्ञापन देने जा सकेगा।
उल्लंघन करने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह आदेश एकपक्षीय पारित किया गया है। इसे पुलिस उपायुक्त कार्यालय, थानों के नोटिस बोर्ड, लाउडस्पीकर और समाचार पत्रों के माध्यम से प्रचारित किया जा रहा है। प्रशासन ने सभी नागरिकों को इस आदेश की पालना करने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के अंतर्गत कानूनी अभियोग चलाया जाएगा।