घुटने की सर्जरी के बाद कोर्ट पर की जबर्दस्त वापसी; विश्व सीनियर सर्किट में लहराया तिरंगा
जयपुर/ योगेश शर्मा/राजस्थान की राजधानी जयपुर की दो बार की राष्ट्रीय चैंपियन बैडमिंटन खिलाड़ी हिमानी पूनिया ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। घुटने की गंभीर सर्जरी के बाद कोर्ट पर वापसी करते हुए हिमानी ने दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में आयोजित प्रतिष्ठित ‘केपटाउन सीनियर्स इंटरनेशनल 2026’ में शानदार खेल का प्रदर्शन कर स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए।
बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) के विश्व सीनियर सर्किट के तहत 23 से 27 सितंबर तक केपटाउन के केनिलवर्थ स्थित जॉन टायर्स हॉल में इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।

एकल में पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण, युगल में भी चमकीं
हिमानी पूनिया ने टूर्नामेंट में अपने बेहतरीन खेल कौशल, संयम और आक्रामकता का परिचय दिया:
- महिला एकल (40+ वर्ग): हिमानी ने अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को मात देते हुए फाइनल मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला एकल स्पर्धा में यह उनका पहला स्वर्ण पदक है, जो उनके करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया है।
- महिला युगल (45+ वर्ग): युगल स्पर्धा में हिमानी ने रीयूनियन आइलैंड की खिलाड़ी क्लेन वर्जिनी के साथ जोड़ी बनाई। दोनों ने तालमेल और रणनीतिक खेल के दम पर फाइनल तक का सफर तय किया और रजत पदक पर कब्जा जमाया।
सर्जरी के बाद की चुनौती और भावुक वापसी
हिमानी के लिए यह जीत केवल पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके अदम्य साहस और खेल के प्रति अटूट निष्ठा की मिसाल है। घुटने की सर्जरी के बाद लंबे समय तक रीहैबिलिटेशन और कड़े फिटनेस सत्रों से गुजरने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसा प्रदर्शन करना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
अपनी दोहरी सफलता और कोर्ट पर वापसी पर भावुक होते हुए हिमानी पूनिया ने कहा:
”अपने देश के लिए पदक जीतकर मैं बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। केपटाउन में महिला एकल में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण और महिला युगल में रजत जीतना मेरे खेल जीवन के सबसे खास पलों में से एक है। मेरे लिए यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था। गंभीर सर्जरी के बाद दोबारा रैकेट थामना, खुद को पूरी तरह मैच-फिट बनाना और फिर शीर्ष अंतरराष्ट्रीय मंच पर पोडियम तक पहुंचना बेहद भावुक कर देने वाला अनुभव है। इस मुकाम तक पहुंचने में मुझे संबल देने के लिए मैं अपने कोच, परिवार और सभी शुभचिंतकों की हृदय से आभारी हूं।”
खेल जगत में हर्ष की लहर
जयपुर की बेटी की इस स्वर्णिम सफलता पर राजस्थान बैडमिंटन संघ, खेल प्रेमियों और विभिन्न खेल संगठनों ने उन्हें बधाई दी है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि हिमानी की यह वापसी और स्वर्णिम सफलता युवाओं और उभरते खिलाड़ियों के लिए यह संदेश देती है कि चोट या असफलता के बाद भी दृढ़ संकल्प और कड़े अभ्यास से शीर्ष पर पहुंचा जा सकता है।