जयपुर की लाइफलाइन बनेंगे कानोता, चंदलाई और नेवटा बांध: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदूषण मुक्ति अभियान तेज

जयपुर की लाइफलाइन बनेंगे कानोता, चंदलाई और नेवटा बांध: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदूषण मुक्ति अभियान तेज

| नरेश गुनानी

​जयपुर, 31 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार प्रदेश के जल संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। इसी कड़ी में जयपुर के तीन प्रमुख बांधों— कानोता, चंदलाई और नेवटा को प्रदूषण मुक्त करने और उनके जल को शुद्ध बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है।

फ़ोटो टेलीग्राफ टाइम्स

​विशेषज्ञों की टीमें कर रही हैं वैज्ञानिक अध्ययन

​जल संसाधन विभाग के अनुसार, भारत सरकार द्वारा अधिकृत विशेषज्ञ एजेंसियां इन तीनों बांधों पर विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन कर रही हैं। विशेषज्ञों की यह टीमें जल की गुणवत्ता, प्रदूषण के मुख्य स्रोतों की पहचान और जीआईएस (GIS) आधारित मानचित्रण पर कार्य कर रही हैं। इस अध्ययन के आधार पर एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है, जो शीघ्र ही राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।

​रिपोर्ट में शामिल होंगे ये मुख्य बिंदु:

  • ​प्रदूषण का स्रोत: बांधों में किस स्थान से और कितनी मात्रा में गंदा पानी आ रहा है, इसका पूरा विवरण।
  • ​आधुनिक उपचार तकनीक: प्रदूषित जल को साफ करने के लिए अत्याधुनिक मशीनों और उपचार प्रणालियों का उपयोग।
  • ​सिंचाई प्रबंधन: बांध के पानी को खेतों तक पहुँचाने के लिए आवश्यक मशीनरी और जल वितरण प्रणाली का सुदृढ़ीकरण।
  • ​जैव विविधता: बांध के आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र और वन्यजीवों के संरक्षण की योजना।

​पर्यटन और आजीविका के नए द्वार खुलेंगे

​सरकार की योजना केवल जल शुद्धि तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट में इन बांधों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दीर्घकालीन रूपरेखा भी शामिल की गई है। इसमें:

  1. ​डे/नाइट टूरिज्म: बांधों के आसपास ग्रीन बेल्ट विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा देना।
  2. ​वाटर स्पोर्ट्स: बोटिंग जैसी सुविधाओं के माध्यम से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा करना।

​’वंदे गंगा’ अभियान से मिली प्रेरणा

​जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि का ही परिणाम है कि राजस्थान जल संरक्षण में एक अनुकरणीय मॉडल पेश कर रहा है। हाल ही में ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण जन अभियान के तहत रामगढ़ बांध में सफाई कार्य की जो शुरुआत हुई थी, उसी तर्ज पर अब कानोता, चंदलाई और नेवटा बांधों का भी कायाकल्प किया जाएगा।

​“हमारा लक्ष्य केवल बांधों को साफ करना नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित जल तंत्र विकसित करना है।” – सुरेश सिंह रावत, जल संसाधन मंत्री

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