जयपुर और उदयपुर के दो-दो तुलाई कांटों के कम्प्यूटराइज्ड मॉड्यूल का 1 से 7 दिसंबर तक परीक्षण और संचालन – प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त
नरेश गुनानी, टेलीग्राफ टाइम्स
18 नवम्बर 2025, 01:28 PM
जयपुर। माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग द्वारा विकसित किए जा रहे तुलाई कांटों के कम्प्यूटराइज्ड मॉड्यूल का परीक्षण संचालन आगामी 1 से 7 दिसंबर तक जयपुर और उदयपुर के दो-दो तुलाई कांटों पर किया जाएगा। प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त ने बताया कि परीक्षण अवधि में प्राप्त अनुभवों के आधार पर वेब्रिज मॉड्यूल को अंतिम रूप दिया जाएगा और इस वर्ष के अंत तक चरणबद्ध तरीके से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पहले चरण में सीमेंट, आयरन ओर और बड़ी माइनिंग लीजों को इस सिस्टम के दायरे में लाया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और निगरानी क्षमता बढ़ेगी।
तुलाई कांटे धरातल से ऊँचे बनाए जाएंगे
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने बताया कि नए सिस्टम के तहत तुलाई कांटों को धरातल से ऊपर स्थापित किया जाएगा, ताकि वजन मापन में सटीकता आए। इससे न केवल व्यवस्था पारदर्शी होगी बल्कि लीजधारकों को बार-बार होने वाली तकनीकी समस्याओं और विवादों से भी राहत मिलेगी।
विभागीय वेबसाइट पर वेण्डर्स की सुझावात्मक सूची भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि संबंधित संस्थाएं सीधे वेण्डर्स से संपर्क कर मॉड्यूल से जुड़े आवश्यक उपकरणों की खरीद कर सकें।
पूरी प्रक्रिया होगी पेपरलेस, कमाण्ड सेंटर होंगे विकसित
टी. रविकान्त ने बताया कि विभाग चरणबद्ध तरीके से पूरी व्यवस्था को पेपरलेस बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे लीजधारकों को अनावश्यक रूप से विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
राज्य स्तर पर जयपुर और उदयपुर में कमाण्ड सेंटर भी विकसित किए जाएंगे, जहां से सभी तुलाई कांटों की ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
वेब्रिज और व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता
निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि वेब्रिज मॉड्यूल के साथ लागू होने वाले व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम से खान संचालन व्यवस्था और अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो जाएगी। इससे खानधारकों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
अधिकारियों ने दी प्रगति रिपोर्ट
अतिरिक्त निदेशक डीएमजीओएमएस शीतल अग्रवाल ने सॉफ्टवेयर और अन्य तैयारियों की अद्यतन प्रगति से अवगत कराया।
सीएमएस के वीपी विनय दुबे ने मॉड्यूल के तकनीकी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में संयुक्त सचिव माइंस अरविन्द सारस्वत, अतिरिक्त निदेशक महेश माथुर, अधीक्षण खनि अभियंता एनएस शक्तावत, प्रताप मीणा, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, अधीक्षण भूवैज्ञानिक एरियल सर्वे यूनिट के सुनील वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।