प्रीति बालानी
जयपुर | 15 अप्रैल, 2026 एशियाई विकास बैंक (एडीबी) समर्थित परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और पर्यावरण एवं सामाजिक मानकों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से बुधवार को जयपुर में दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यशाला का आगाज हुआ। इस कार्यशाला में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और परियोजना हितधारक भाग ले रहे हैं।
सतत विकास और जवाबदेही पर जोर
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए प्रमुख शासन सचिव (वित्त) वैभव गालरिया ने राज्य में सतत और जवाबदेही के साथ परियोजना क्रियान्वयन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में पर्यावरणीय और सामाजिक सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है ताकि विकास का लाभ बिना किसी प्रतिकूल प्रभाव के लंबे समय तक मिल सके।

एडीबी के इंडिया रेजिडेंट मिशन की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका ने वर्चुअल माध्यम से ‘की-नोट’ भाषण दिया। उन्होंने राजस्थान के विकास में एडीबी की तकनीकी और वित्तीय भागीदारी की सराहना की।
जयपुर मेट्रो के लिए 6,000 करोड़ का ऋण
वैभव गालरिया ने जानकारी दी कि एडीबी राजस्थान में शहरी अवसंरचना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया:
- मेट्रो परियोजना: जयपुर मेट्रो परियोजना के विस्तार के लिए एडीबी द्वारा 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण सहायता प्रदान की जा रही है। इस संबंध में हाल ही में एडीबी कंट्री डायरेक्टर और राजस्थान के मुख्य सचिव के बीच महत्वपूर्ण चर्चा भी हुई है।
- दीर्घकालिक सहयोग: राजस्थान सरकार और एडीबी के बीच शहरी विकास के क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से अधिक का सहयोग रहा है।
- RUIDP पंचम चरण: आरयूआईडीपी ने अपने पांचवें चरण की परियोजनाएं शुरू कर दी हैं, जिससे शहरों में सर्विस डिलीवरी और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा।
प्रशिक्षण और क्षमता संवर्धन
कार्यशाला में स्थानीय निकाय, वन विभाग, पीएचईडी, जेएमआरसी (जयपुर मेट्रो) और डीएमआरसी के 50 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। एडीबी के सेफगार्ड्स कार्यालय (आईएनआरएम) से आए विशेषज्ञ कार्लीतो रुफो जूनियर एवं शाश्वती द्वारा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्य प्रशिक्षण बिंदु:
- जोखिम मूल्यांकन: पर्यावरणीय और सामाजिक जोखिमों का सटीक आकलन करना।
- हितधारक सहभागिता: परियोजना के दौरान स्थानीय समुदायों और संबंधित पक्षों को साथ लेकर चलना।
- 10 ईएसएस मानक: प्रतिभागियों को दस महत्वपूर्ण पर्यावरण एवं सामाजिक मानकों (ESS) के बारे में केस स्टडी के माध्यम से व्यवहारिक जानकारी दी गई।
कार्यशाला का उद्देश्य
’एनवायरमेंटल एण्ड सोशल फ्रेमवर्क’ (ESF) का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों के दौरान लोगों और पर्यावरण को संभावित प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षित रखना है। यह फ्रेमवर्क परियोजनाओं के डिजाइन, तैयारी और क्रियान्वयन के दौरान आने वाले जोखिमों के प्रभावी प्रबंधन में मदद करता है।