जयपुर: आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ‘दी ज्वैल्स’ भवन का भव्य लोकार्पण, 60 के दशक की ऐतिहासिक विरासत को मिला नया स्वरूप

रिपोर्ट: योगेश शर्मा, जयपुर

जयपुर। गुलाबी नगरी के जौहरी समाज की गौरवशाली विरासत और सेवा का प्रतीक, ‘दी ज्वैल्स’ (नवीनीकृत जनोपयोगी भवन) का भव्य लोकार्पण समारोह जयपुर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस भवन का उद्घाटन मुख्य अतिथि निर्मल बरड़िया और उद्घाटनकर्ता नरेंद्र कुमार लुणावत की विशिष्ट उपस्थिति में किया गया।

इतिहास और सामाजिक सरोकार की मिसाल

​समारोह के दौरान मानद सचिव नीरज लूणावत ने भवन के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी नींव सामाजिक सरोकार के उद्देश्य से रखी गई थी। 60 के दशक में, जब यहाँ स्थित मेंटल हॉस्पिटल के मरीजों के परिजनों के रुकने की कोई व्यवस्था नहीं थी, तब तत्कालीन ज्वैलर्स एसोसिएशन कमेटी ने इस अभाव को दूर करने का संकल्प लिया था।

  • ऐतिहासिक संदर्भ: वर्ष 1967 में तत्कालीन यूआईटी चेयरमैन सरदारमल सांघी, प्रतिनिधि सिरहमल नवलखा और एसोसिएशन अध्यक्ष लक्ष्मी कुमार कासलीवाल के प्रयासों से सरकार ने यह भूमि आवंटित की थी।
  • शिलान्यास व पुराना लोकार्पण: इसका शिलान्यास तत्कालीन वित्त मंत्री मथुरादास माथुर ने किया था, जबकि 1972 में मुख्यमंत्री बरकतउल्ला खान ने इसका लोकार्पण किया था।

नवीनीकरण और आधुनिकता का संगम

​वर्तमान कार्य समिति (2024-2026) के तत्वावधान में इस भवन के कायाकल्प का दायित्व संयोजक महावीर डागा को सौंपा गया था। डागा और उनकी टीम ने निश्चित समयावधि में भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर एक नया स्वरूप प्रदान किया है।

​अध्यक्ष आलोक सौंखिया ने पूर्व के जौहरियों के योगदान को याद करते हुए वर्तमान समय में इस भवन की प्रासंगिकता और सार्थकता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने नवीनीकरण कार्य में आर्थिक और नैतिक सहयोग देने वाले सभी 66 दानदाताओं का आभार व्यक्त किया।

सम्मान और भविष्य की रूपरेखा

​मुख्य अतिथि निर्मल बरड़िया ने इस अवसर पर एसोसिएशन की महत्वाकांक्षी ‘जैम बौर्स’ परियोजना के बारे में जानकारी साझा की और समाज के सभी वर्गों से इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग करने का आह्वान किया। उद्घाटनकर्ता नरेंद्र लुणावत ने नवीनीकरण की प्रशंसा करते हुए सुझाव दिया कि एसोसिएशन को भविष्य में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

विशेष आकर्षण:

  • शिलालेख: भवन में सहयोग करने वाले सभी 66 सहयोगकर्ताओं के नाम का शिलालेख लगाया गया है।
  • सम्मान: समारोह में नवीनीकरण में सहभागी रहे सभी जौहरियों को माल्यार्पण और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया।
  • अवलोकन: लोकार्पण के पश्चात आगंतुकों ने भवन का अवलोकन किया और सुसज्जित कमरों व आधुनिक व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से सराहना की।

​समारोह में पूर्व अध्यक्षों सहित जयपुर के अनेक गणमान्य जौहरी और समाज के प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

Block title
Related