जयकारों से गूंजी छोटी काशी: दो दर्जन झांकियों और भव्य लवाजमे के साथ निकली भगवान परशुराम की शोभायात्रा

रिपोर्ट योगेश शर्मा 

जयपुर।

गुलाबी नगरी जयपुर की चारदीवारी गुरुवार को भगवान श्री परशुराम के जयकारों और भक्तिमय उल्लास से सराबोर हो उठी। राजस्थान ब्राह्मण महासभा (जयपुर महानगर) के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य शोभायात्रा ने न केवल विप्र समाज की एकजुटता प्रदर्शित की, बल्कि शहर के सांस्कृतिक वैभव में चार चांद लगा दिए। जलेब चौक से शुरू होकर छोटी चौपड़ तक निकली इस यात्रा में आस्था, परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिला।

उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया रवाना, केसरिया रंग में रंगा शहर

​शोभायात्रा का शुभारंभ ब्रह्मपीठाधीश्वर काठिया परिवाराचार्य स्वामी रामरतन देवाचार्य महाराज के पावन सान्निध्य में हुआ। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। केसरिया साफा पहने हजारों विप्र जनों के काफिले और गूंजते बैंड-बाजों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

सियासी और धार्मिक हस्तियों ने की महाआरती

​शोभायात्रा जब बड़ी चौपड़ पहुंची, तो वहां का दृश्य अद्भुत था। यहाँ विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, जयपुर सांसद मंजू शर्मा, राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, और सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा सहित कई गणमान्य लोगों ने भगवान परशुराम की महाआरती की।

  • सांगानेरी गेट पर: विधायक कालीचरण सर्राफ और रामचरण बोहरा ने आरती उतारी।
  • प्रमुख उपस्थिति: हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य, राधेश्याम जैमिनी, अर्चना शर्मा, और डॉ. महेश जोशी सहित कई राजनेताओं ने भी पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।

नारी शक्ति और युवा जोश का अद्भुत संगम

​शोभायात्रा की भव्यता में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी विशेष रही:

  • 1100 कलश/मंगल कलश: महासभा की महिला अध्यक्ष ज्योति शर्मा के नेतृत्व में 1100 महिलाएँ एक समान गणवेश में मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं।
  • युवा शक्ति: युवा अध्यक्ष पं. करण शर्मा की अगुवाई में युवाओं की टोली जयघोष के साथ अनुशासन बनाए हुए थी।
  • लवाजमा: हाथी, घोड़े, ऊंट और विभिन्न बैंडों ने शोभायात्रा को राजसी ठाट-बाट प्रदान किया।

आकर्षण का केंद्र: पौराणिक और जीवंत झांकियां

​दो दर्जन से अधिक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। यात्रा के केंद्र बिंदु रहे:

  1. मुख्य रथ: भगवान श्री परशुराम जी का भव्य मुख्य रथ।
  2. पौराणिक प्रसंग: शिव तांडव, त्रिमुख शंकर, और गणेश जी द्वारा महाभारत लेखन की जीवंत झांकी।
  3. राम-भक्ति: हनुमान जी के कंधे पर विराजे राम-लक्ष्मण और सीना चीरते हनुमान जी के दर्शन।
  4. विप्र गौरव: नारायण दास जी महाराज की मूर्ति और शिव-पार्वती की परिक्रमा करते गणेश जी।

पुष्प वर्षा से स्वागत और समापन

​पूरे मार्ग में छतों और सड़कों से विप्र कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष महेश शर्मा, ज्योतिषाचार्य पं. पुरुषोत्तम गौड़ और अन्य गणमान्य जनों द्वारा पुष्प वर्षा की गई। शोभायात्रा का समापन छोटी चौपड़ पर हुआ, जहाँ सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।

​शोभायात्रा संयोजक हनुमान सहाय शर्मा और महामंत्री शिव कुमार भारद्वाज ने इस सफल आयोजन के लिए सभी विप्र बंधुओं और जयपुर की जनता का आभार व्यक्त किया।

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