जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों से राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का संवाद: “कश्मीर सनातन संस्कृति का गढ़ और भारत का अभिन्न अंग”
| नरेश गुनानी
जयपुर, 14 फरवरी 2026 राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शनिवार को जयपुर स्थित लोकभवन में ‘भारत दर्शन यात्रा’ के तहत आए जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राओं के एक प्रतिनिधिमंडल से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान राज्यपाल ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कश्मीर: ज्ञान और शारदा पीठ की गौरवशाली विरासत
संवाद के दौरान राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी समृद्ध विरासत की याद दिलाते हुए कहा:
- अभिन्न अंग: जम्मू-कश्मीर भारत का अटूट हिस्सा है और इसकी रगों में भारतीयता रची-बसी है।
- सांस्कृतिक केंद्र: कश्मीर सदियों से सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र रहा है।
- शारदा पीठ का गौरव: उन्होंने विशेष रूप से शारदा पीठ का उल्लेख करते हुए बताया कि प्राचीन काल में यह स्थल पूरे विश्व के लिए ज्ञान और शिक्षा का सबसे उन्नत केंद्र हुआ करता था।
’एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का आह्वान
राज्यपाल ने भारत की विविधता को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी का बोध कराते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
- विविधता में एकता: भारत भूमि विभिन्न संस्कृतियों का संगम है, जिसे हमें ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ाना है।
- राष्ट्र समर्पण: युवाओं को अपने भविष्य की दिशा तय करते समय राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।
- अनुभव साझा करना: उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी इस ‘भारत दर्शन यात्रा’ के दौरान सीखे गए अनुभवों को अपने जीवन और क्षेत्र में लागू करने की सलाह दी।
उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ
मुलाकात के अंत में हरिभाऊ बागडे ने सभी छात्र-छात्राओं के साथ सामूहिक चित्र खिंचवाया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किए। उन्होंने ‘भारत दर्शन यात्रा’ के उद्देश्यों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल करियर के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ प्रदान कीं।
इस अवसर पर राजभवन और सुरक्षा बलों के अधिकारी भी उपस्थित रहे, जो इस शैक्षणिक भ्रमण का समन्वय कर रहे हैं।
