जमीन विवाद बना हत्या की वजह, लैलूंगा पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा – पिता-पुत्र गिरफ्तार
✍🏻 रायगढ़, 20 जून 2025
Edited By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 21,2025
रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केशला में एक अधेड़ ग्रामीण की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर गंभीर खुलासा करते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई रायगढ़ पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के निर्देशन और अनुविभागीय अधिकारी (धरमजयगढ़) श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई।
🔍 क्या है पूरा मामला?
दिनांक 17 जून 2025 को लैलूंगा पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम केशला के भैंसामुड़ा खेत में एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उपनिरीक्षक इगेश्वर यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
शव की पहचान बजरंग दास महंत (48 वर्ष) निवासी केशला के रूप में की गई। मृतक के सिर और शरीर पर धारदार हथियार से किए गए गंभीर वार के निशान थे, जिससे प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हुआ। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 170/2025, धारा 101(3) BNS के तहत मामला दर्ज कर तत्काल जांच प्रारंभ की।
🕵🏻♂️ जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस ने मृतक के परिजनों, ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों से गहन पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि मृतक बजरंग दास महंत और अर्जुन दास महंत के बीच पिछले एक वर्ष से खेत की जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था।
घटना के दिन बजरंग दास अपने खेत में कांवर, टांगी और पानी की बोतल लेकर काम करने गया था। तभी पहले से घात लगाए अर्जुन दास (60 वर्ष) और उसका पुत्र राजकुमार महंत (27 वर्ष) ने जमीन के विवाद को लेकर हमला कर दिया। दोनों ने मिलकर बजरंग दास पर टांगी और लकड़ी से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
👥 गिरफ्तार आरोपी
लैलूंगा पुलिस ने हत्या के आरोप में दो लोगों को गिरफ़्तार किया है:
- अर्जुन दास महंत (60 वर्ष) – ग्राम केशला
- राजकुमार महंत (27 वर्ष) – पुत्र अर्जुन दास
दोनों को कल न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
👮♂️ पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे में निम्न पुलिस अधिकारियों की अहम भूमिका रही:
- उपनिरीक्षक इगेश्वर यादव
- सहायक उपनिरीक्षक हेमंत कश्यप
- प्रधान आरक्षक रामरतन भगत, नंद कुमार पैंकरा
- आरक्षक इलियास और नेहरू लकड़ा
इनकी सूझबूझ, त्वरित कार्रवाई और सटीक विवेचना से केवल 48 घंटे में हत्याकांड सुलझा, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर भरोसा मजबूत हुआ है।