जमशेदपुर : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिवंगत पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को दी श्रद्धांजलि
जमशेदपुर, 20 अगस्त 2025✍️ नेहा रंजन, झारखंड
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन बुधवार को अपनी धर्मपत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन के साथ जमशेदपुर के घोड़ाबांधा स्थित दिवंगत पूर्व स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन के आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई और ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के महज एक पखवाड़े के भीतर ही रामदास सोरेन के चले जाने से उनका मन अत्यंत व्यथित और व्याकुल है। उन्होंने कहा कि यह न केवल राज्य के लिए बल्कि उनके लिए भी अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
संघर्ष और झारखंड आंदोलन में अहम योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामदास सोरेन ने संघर्ष के बल पर अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में चले लंबे झारखंड आंदोलन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। उनका व्यक्तित्व बेहद सरल और सहज था। वे एक आंदोलनकारी के साथ-साथ समाज के दुःख-दर्द में हमेशा सहभागी रहते थे। वे अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका कार्य और व्यक्तित्व सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए समर्पित प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री के रूप में रामदास सोरेन ने बेहतर कार्य किया था। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए कई नई पहल शुरू की थीं। सरकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया। खासकर गांव-देहात के गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा और उनके समग्र विकास के लिए वे लगातार प्रयासरत थे।
गौरतलब है कि रामदास सोरेन का 15 अगस्त को नई दिल्ली स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। उनके निधन से झारखंड की राजनीति और शिक्षा जगत को गहरी क्षति हुई है।