जमवारामगढ़ में ड्रोन से क्लाउड सीडिंग की शुरुआत, रामगढ़ झील को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य
By : सुनील शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
अगस्त 12,2025
जयपुर, 12 अगस्त। हरि प्रसाद शर्मा
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के प्रयासों से मंगलवार को जमवारामगढ़ बांध इलाके में ड्रोन के जरिए क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम बारिश) का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य रामगढ़ झील को फिर से भरना, जल संकट को कम करना और क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन को बहाल करना है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिससे शुरुआती चरण में ड्रोन उड़ाने में दिक्कत आई। भीड़ के कारण नेटवर्क सिग्नल प्रभावित हुआ और ड्रोन को ऑटो लैंड करना पड़ा। बाद में भीड़ नियंत्रित होने के बाद कृषि मंत्री की मौजूदगी में ड्रोन ने 400 फीट की ऊंचाई तक सफल डेमो उड़ान भरी।
यह भारत में पहली बार है जब ड्रोन-आधारित क्लाउड सीडिंग की जा रही है। इसमें ‘हाइड्रो ट्रेस’ नामक एआई-आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो रियल-टाइम डेटा, सैटेलाइट इमेज और सेंसर नेटवर्क की मदद से सही समय और सही बादलों को टारगेट करता है। मिशन 12 अगस्त से शुरू होकर 60 दिनों तक चलेगा।
वैज्ञानिकों की टीम ड्रोन को बादलों के पास भेजकर सोडियम क्लोराइड जैसे सुरक्षित सीडिंग एजेंट छोड़ती है, जिससे बादलों में मौजूद नमी मिलकर बारिश में बदल जाती है। शुरुआती असर तुरंत बारिश के रूप में दिख सकता है, जबकि लंबे समय में इससे झील का जलस्तर बढ़ेगा, भूजल रिचार्ज होगा और कृषि उत्पादन में सुधार होगा।
डॉ. मीणा ने बताया कि यह तकनीक पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें इस्तेमाल होने वाले पदार्थ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कम मात्रा में डाले जाते हैं। इस दौरान पर्यावरणीय प्रभाव का भी अध्ययन होगा। अगर प्रयोग सफल रहा, तो इसे अन्य सूखा प्रभावित इलाकों में भी लागू किया जाएगा, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी, बेहतर पैदावार और सूखे से राहत मिलेगी।