जनजातीय छात्रावासों में राशन खरीद धांधली की होगी उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर गिरेगी गाज: बाबू लाल खराड़ी
जयपुर | 18 फरवरी, 2026
| नरेश गुनानी
राजस्थान के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबू लाल खराड़ी ने बुधवार को विधानसभा में घोषणा की कि जनजातीय क्षेत्रीय छात्रावासों में खाद्य सामग्री की खरीद में हुई अनियमितताओं की गहन जांच करवाई जाएगी। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जांच के लिए विशेष समिति का गठन
बाबू लाल खराड़ी ने प्रश्नकाल के दौरान जानकारी दी कि अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति में निम्नलिखित विशेषज्ञों को शामिल किया गया है:
- वित्त सलाहकार
- अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी
- लेखाधिकारी
- सहायक लेखाधिकारी
क्या है पूरा मामला?
प्रश्नकाल में सदस्य अर्जुन सिंह बामणिया द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि विभाग ने छात्रावासों को राशन सामग्री ‘सहकारिता उपभोक्ता भंडार’ से खरीदने के निर्देश दिए थे। हालांकि, उपभोक्ता भंडार ने महज दो महीने बाद ही राशन आपूर्ति में असमर्थता जता दी। इसके बाद छात्रावासों द्वारा बाजार से (बाहर से) राशन की खरीद की गई, जिसमें गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
विधानसभा में मुख्य बिंदु:
- सल्लोपाट (बांसवाड़ा): आश्रम छात्रावास सल्लोपाट को 3 लाख 42 हजार रुपये का भुगतान किया गया है, जिसकी वर्तमान में समिति द्वारा बारीकी से जांच की जा रही है।
- अध्यक्ष का हस्तक्षेप: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रकरण की अत्यंत गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं।
- दस्तावेज पेश: मंत्री ने आश्रम छात्रावास सल्लोपाट, खेडावड़लीपाडा (बांसवाड़ा), सुहागपुरा (प्रतापगढ़) एवं रघुनाथपुरा (डूंगरपुर) के अगस्त और सितंबर 2025 के बीजक (bills) सदन के पटल पर रखे।
मीनू के अनुसार मिल रहा भोजन
विधायक बामणिया के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि राजकीय जनजाति आश्रम छात्रावासों में छात्र-छात्राओं को निर्धारित मीनू के अनुसार प्रतिदिन भोजन, नाश्ता, फल, दूध-बिस्किट और चाय उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए खाद्य सामग्री आपूर्ति हेतु कोई नई निविदाएं (Tenders) जारी नहीं की गई थीं।
