जनजातीय क्षेत्रों में सुशासन की नई पहल बनेगा ‘आदि कर्मयोगी अभियान’
जयपुर में मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
नरेश गुनानी।टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर, 10 सितम्बर। राजस्थान में जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास और सुशासन की दिशा में ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। इसी कड़ी में जयपुर जिले में मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज से शुरू हुआ। यह प्रशिक्षण 10 से 12 सितम्बर तक जयपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की उपस्थिति में हुआ।

सेवा संतृप्ति सुनिश्चित करने की दिशा में कदम
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रारम्भ किया गया यह अभियान देशभर में जनजातीय बाहुल्य एक लाख गांवों में उत्तरदायी शासन और अंतिम छोर तक सेवा संतृप्ति सुनिश्चित करने का उद्देश्य रखता है।
- हर गांव में 20-20 व्यक्तियों को ‘आदि कर्मयोगी’, ‘आदि सहयोगी’ और ‘आदि साथी’ के रूप में चयनित किया जा रहा है।
- जयपुर जिले के 10 ब्लॉकों के 177 गांवों का चयन इस अभियान में किया गया है।
- ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ से जुड़े 17 विभागों की 25 प्रमुख गतिविधियों के अभिसरण से इन गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
ग्राम स्तर पर सक्रिय भागीदारी
अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं—
- ग्रामसेवक, पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पशुधन सहायक, प्रधानाध्यापक, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व विद्युत विभाग के कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, एएनएम, साथिन, कृषि पर्यवेक्षक, वनपाल, सहकारी समिति का व्यवस्थापक और राजीविका समूह की महिला अध्यक्ष को आदि कर्मयोगी की भूमिका दी गई है।
- ग्राम के निवासी युवा, अध्यापक, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता, वार्डपंच, सरपंच, स्वयंसेवी संस्था के सदस्य, पटेल, मुखिया और गमेती को आदि सहयोगी व आदि साथी के रूप में शामिल किया गया है।
आदि सेवा केन्द्र
अभियान के तहत चयनित गांवों में आदि सेवा केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं।
- यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायतीराज, कृषि और अन्य विभागों के अधिकारी सप्ताह में एक दिन उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
- इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और सेवाएं सीधे गांव स्तर पर मिलेंगी।
मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका
- ‘ग्राम उत्कर्ष अभियान’ और ‘आदि कर्मयोगी अभियान, उत्तरदायी शासन कार्यक्रम 2025’ के तहत जिले की 10 पंचायत समितियों में ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स नियुक्त किए गए हैं।
- इन मास्टर ट्रेनर्स को जिला प्रोसेस लैब द्वारा इस प्रशिक्षण में दक्ष बनाया जा रहा है।
- प्रशिक्षण में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर विशेषज्ञ मार्गदर्शन दे रहे हैं ताकि आगे ग्राम पंचायत स्तर पर अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
कार्यक्रम में सहभागिता
उद्घाटन सत्र में जिला भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मृणाल कुमार, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शेर सिंह लुहाड़िया सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

