जनजातीय क्षेत्रों का विकास प्राथमिकता: उपयोगिता प्रमाण पत्र मिलते ही जारी होगी लंबित किस्तों की राशि—बाबू लाल खराड़ी
| नरेश गुनानी
जयपुर, 4 फरवरी। राजस्थान सरकार जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबू लाल खराड़ी ने आश्वस्त किया कि जनजाति भागीदारी योजना के तहत स्वीकृत कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) और पूर्णता प्रमाण पत्र (CC) प्राप्त होते ही विभाग द्वारा लंबित किस्तों का भुगतान तुरंत कर दिया जाएगा।
उदयपुर ग्रामीण: विकास कार्यों की प्रगति
विधायक फूल सिंह मीणा द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों का विवरण साझा किया।
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- कुल कार्य और बजट: वर्ष 2020 से 2025 के दौरान उदयपुर ग्रामीण में जनजाति भागीदारी योजना के तहत कुल 30 विकास कार्यों के लिए 337.45 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई।
- वर्तमान स्थिति: इन 30 कार्यों में से 23 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 3 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं।
- भुगतान प्रक्रिया: वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 10 कार्यों को पूरा कर उनकी राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
सख्त निर्देश: मंत्री खराड़ी ने सदन में स्पष्ट किया कि यदि विभाग द्वारा राशि हस्तांतरित किए जाने के बावजूद संबंधित एजेंसी या लाभार्थियों को भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है, तो ऐसे मामलों की गहन जांच करवाई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भुगतान का नियम और प्रक्रिया (30/70 अनुपात)
जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि यह योजना जन सहभागिता के आधार पर 30/70 के अनुपात में संचालित होती है। राशि जारी करने के लिए विभाग ने पारदर्शी प्रक्रिया तय की है:
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- प्रथम किस्त: वित्तीय स्वीकृति मिलते ही कुल जनजाति हिस्से की राशि का 40 प्रतिशत पहली किस्त के रूप में जारी किया जाता है।
- अंतिम भुगतान: पहली किस्त का उपयोगिता प्रमाण पत्र और कार्य के भौतिक रूप से पूर्ण होने का प्रमाण पत्र जमा होने के बाद शेष राशि हस्तांतरित की जाती है।
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सदन के पटल पर रखा विवरण
मंत्री ने पिछले पांच वर्षों में पूर्ण हुए कार्यों और उनके बदले किए गए भुगतान का विस्तृत ब्यौरा सदन की मेज पर रखा। उन्होंने दोहराया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य जनजातीय आबादी को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।