नरेश गुनानी
जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से आगामी ‘जनगणना 2027’ में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने जनगणना को केवल आंकड़ों का संकलन न मानकर इसे राष्ट्र निर्माण का एक ‘महायज्ञ’ और प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक दायित्व बताया है। उन्होंने अपील की है कि सामाजिक न्याय और सटीक विकास योजनाओं के निर्माण के लिए सभी नागरिक इस प्रक्रिया में अपनी पूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करें।
डिजिटल इंडिया: 1 मई से ‘स्व-गणना’ की सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि डिजिटल इंडिया के विजन को साकार करते हुए इस बार नागरिकों को तकनीक से जोड़ा गया है। आमजन को 1 मई से 15 मई तक स्व-गणना (Self-Enumeration) की विशेष सुविधा प्रदान की जा रही है। नागरिक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक लोगों से इस डिजिटल माध्यम का उपयोग करने का आग्रह किया है।
16 मई से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक
राजस्थान में जनगणना 2027 का प्रथम चरण मई माह से विधिवत शुरू होने जा रहा है।
- मकानों की सूची और गणना: यह कार्य 16 मई से 14 जून तक संचालित किया जाएगा।
- प्रगणकों का सहयोग: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है, जहाँ जनगणना कर्मी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लंबी दूरियां तय कर घर-घर पहुंचेंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि जब प्रगणक उनके घर आएं, तो उन्हें मकान और परिवार से संबंधित सटीक, सत्य और पूर्ण जानकारी देकर सहयोग करें।
सटीक आंकड़े: विकास का आधार
मुख्यमंत्री ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सटीक आंकड़े ही केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार होते हैं। पुख्ता डेटा के माध्यम से ही सरकार को निम्न सुविधाओं की आवश्यकता और उपलब्धता का सही अनुमान लग पाता है:
- बिजली, पानी और सड़क कनेक्टिविटी।
- स्कूल, चिकित्सालय और शौचालय की व्यवस्था।
- घरेलू गैस कनेक्शन और अन्य बुनियादी जरूरतें।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंत में दोहराया कि सटीक जानकारी देकर ही नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपनी आहुति दे सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि राजस्थान के निवासी इस राष्ट्रीय कर्तव्य को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे और ‘जनगणना 2027’ को सफल बनाएंगे।