जनगणना 2027: दिल्ली में जागरूकता वैन को दिखाई गई हरी झंडी, उत्तर प्रदेश में आज से स्व-गणना शुरू

गौरव कोचर 

नई दिल्ली: भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त (RG & CCI) ने आज दिल्ली में जनगणना 2027 के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने जनगणना भवन से छह विशेष जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वर्तमान में चल रहे ‘मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना’ (HLO) चरण के लिए जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।

​दिल्ली में प्रचार अभियान की शुरुआत

​ये जागरूकता वैन दिल्ली के विभिन्न इलाकों में घूमकर नागरिकों को जनगणना में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेंगी। वैन के माध्यम से स्व-गणना (Self-Enumeration) सुविधा, जनगणना की मुख्य विशेषताओं और फील्ड में आने वाले प्रगणकों (Enumerators) के साथ सहयोग करने के महत्व पर संदेश प्रसारित किए जाएंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि जानकारी के व्यापक प्रसार से जनगणना का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

​दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य की स्थिति

​दिल्ली में जनगणना का कार्य अलग-अलग चरणों में प्रगति पर है:

  • NDMC और छावनी बोर्ड क्षेत्र: इन क्षेत्रों में 15 अप्रैल 2026 को स्व-गणना का चरण पूरा हो चुका है। वर्तमान में प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर डेटा जुटाने का काम (फील्ड विजिट) किया जा रहा है, जो 15 मई 2026 तक जारी रहेगा।
  • MCD क्षेत्र: दिल्ली के नगर निगम क्षेत्रों में अभी स्व-गणना (SE) की प्रक्रिया चल रही है। निवासी 15 मई 2026 तक आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर सत्यापन और गणना करेंगे।

​उत्तर प्रदेश में आज से प्रक्रिया प्रारंभ

​उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए आज से स्व-गणना की सुविधा शुरू कर दी गई है। राज्य के लोग 7 मई से 21 मई 2026 के बीच पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकते हैं। इस अवधि के समाप्त होने के बाद, 22 मई से 20 जून 2026 तक क्षेत्रीय स्तर पर घर-घर जाकर डेटा एकत्र करने का कार्य किया जाएगा।

​स्व-गणना (Self-Enumeration) को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स

​देश में पहली बार शुरू की गई स्व-गणना सुविधा को नागरिकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। अब तक 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग 92 लाख परिवार अपनी गणना खुद ऑनलाइन पूरी कर चुके हैं। अधिकारियों ने अनुरोध किया है कि जिन लोगों ने स्व-गणना पूरी कर ली है, वे अपनी ‘स्व-गणना आईडी’ (SE ID) सुरक्षित रखें और प्रगणक के आने पर उन्हें दिखाएं।

​क्या पूछा जाएगा जनगणना में?

​मकानसूचीकरण के इस चरण में एक विस्तृत प्रश्नावली के जरिए 33 प्रश्न पूछे जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • ​परिवार का विवरण।
  • ​आवास की स्थिति और उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं।
  • ​परिवार के पास मौजूद संपत्तियों की जानकारी।

​डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा

​जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा साझा किया गया सारा डेटा पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। इस जानकारी का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि केवल सांख्यिकीय विश्लेषण, विकास योजनाओं के निर्माण और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।

​वर्तमान स्थिति: एक नजर में

  • स्व-गणना जारी है: तेलंगाना, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, मेघालय, झारखंड और दिल्ली (MCD)।
  • घर-घर गणना (फील्ड विजिट) जारी है: आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, हरियाणा, उत्तराखंड और अन्य अधिसूचित क्षेत्र।

​महारजिस्ट्रार कार्यालय ने सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और प्रगणकों को सही जानकारी देकर सहयोग करने की अपील की है।

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